South Africa Remove Chokers tag in T20 World Cup Semi-final 2024: आखिरकार दक्षिण अफ्रीका ने बता दिया...अब वे 'चोकर्स' नहीं. यह टीम सेमीफाइनल की बाधा पार कर चुकी है. अब तो यही लगता है कि फाइनल में भी उनका डंका बजता दिखेगा. दरअसल, आईसीसी वर्ल्ड कप नॉकआउट में दक्षिण अफ्रीका का दिल बार-बार टूटता आया है. उसकी दास्तां शेक्सपियर की किसी ‘ट्रेजेडी’ की तरह ही रही, जिसमें सुखांत का बस इंतजार ही रहता था.
अफ्रीकी टीम इससे पहले तक किसी भी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल (1992, 1999, 2007, 2009, 2014, 2015 और 2023) से आगे नहीं बढ़ पाई थी.. अब यह मिथक टूट गया. यानी 32 साल बाद यह टीम सेमीफाइनल का हर्डल (रेड लाइन) लांघ कर फाइनल में पहुंची है.
आलम यह था कि दक्षिण अफ्रीका को दबाव के आगे घुटने टेकने वाले ‘चोकर्स’ कहा जाने लगा, लेकिन एक मैच ने दास्तां बदल दी, वक्त बदल दिया और जज्बात बदल दिए. अफगानिस्तान को तारोबा में टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में 9 विकेट से हराकर पहली बार दक्षिण अफ्रीका टीम फाइनल में पहुंची तो न जाने कितने सालों के जख्मों पर मरहम लग गया.
दक्षिण अफ्रीका के आईसीसी टूर्नामेंटों में निराशाजनक अतीत की बानगी इस प्रकार है -
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 वनडे विश्व कप सेमीफाइनल
दबाव के आगे घुटने नहीं टेके, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया. रंगभेद के कारण 21 साल का निष्कासन झेलने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटी दक्षिण अफ्रीका के पास बेहतरीन तेज गेंदबाज और चुस्त फील्डर थे. लेकिन सेमीफाइनल में बारिश आई और उसे 7 गेंदों से 22 रनों की बजाय अब 1 गेंद में 22 रन बनाने का 'असंभव' संशोधित लक्ष्य मिला था.
वेस्टइंडीज के खिलाफ 1996 विश्व कप क्वार्टर फाइनल
सभी ग्रुप मैच जीतने के बाद हैंसी क्रोनिये की टीम का पलड़ा भारी माना जा रहा था, लेकिन ब्रायन लारा की जबर्दस्त बल्लेबाजी के बाद रोजर हार्पर और जिमी एडम्स की फिरकी के जाल में दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज फंसते चले गए और 19 रनों से हार गए.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1999 विश्व कप सेमीफाइनल
दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट इतिहास का सबसे निराशाजनक मैच. टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे लांस क्लूसनर को जिसने ‘ट्रेजेडी किंग’ बना दिया.
जीत के लिए 214 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका को आखिरी ओवर में 9 रन बनाने थे. आखिरी जोड़ी क्रीज पर थी. क्लूसनर ने पहली दो गेंद पर चौका जड़ा, लेकिन अगली गेंद पर एलेन डोनाल्ड रन आउट हो गए और मैच टाई हो गया.
सुपर सिक्स चरण में जीत दर्ज करने के कारण ऑस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंचा.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2007 विश्व कप सेमीफाइनल
पहले बल्लेबाजी का दक्षिण अफ्रीका का फैसला गलत साबित हुआ. ग्रीम स्मिथ, हर्शल गिब्स , जैक्स कैलिस, एबी डिविलियर्स और मार्क बाउचर जैसे धुरंधर 149 के स्कोर पर आउट हो गए. ऑस्ट्रेलिया ने 20 ओवर बाकी रहते मैच जीता.
पाकिस्तान के खिलाफ 2009 टी20 विश्व कप सेमीफाइनल
दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, भारत को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई. लेकिन शाहिद आफरीदी की शानदार स्पिन गेंदबाजी के सामने टीम 150 रनों का लक्ष्य भी हासिल नहीं कर सकी.
न्यूजीलैंड के खिलाफ 2011 वनडे विश्व कप क्वार्टर फाइनल
एबी डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसी, ग्रीम स्मिथ, जैक्स कैलिस और जेपी डुमिनी जैसे दिग्गज न्यूजीलैंड के खिलाफ 222 रनों का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए. एक समय 25 ओवरों में 8 विकेट पर 108 रन बनाने के बाद अगले सात विकेट 64 रन पर गंवा दिए.
इंग्लैंड के खिलाफ 2013 चैम्पियंस ट्रॅाफी सेमीफाइनल
दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 8 विकेट पर 80 रन था, जिसके बाद डेविड मिलर और रोरी क्लेनवेल्ट ने इसे 175 रनों तक पहुंचाया. जोनाथन ट्रॉट के नाबाद 82 रनों की मदद से इंग्लैंड ने 12 ओवर और सात विकेट बाकी रहते जीत दर्ज की.
भारत के खिलाफ 2014 टी20 विश्व कप सेमीफाइनल
भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करके दक्षिण अफ्रीका को हराया.
न्यूजीलैंड के खिलाफ 2015 वनडे विश्व कप सेमीफाइनल
दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेटरों की सुनहरी पीढ़ी. हर विभाग में उत्तम, लेकिन फिर सेमीफाइनल हारे. न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में हराकर फिर दक्षिण अफ्रीका का दिल तोड़ा.
नीदरलैंड्स के खिलाफ 2022 टी20 विश्व कप सुपर 12
सेमीफाइनल से एक जीत दूर दक्षिण अफ्रीकी टीम को नीदरलैंड ने 13 रनों से हराकर उलटफेर कर दिया था.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2023 वनडे विश्व कप सेमीफाइनल
लीग चरण में शानदार प्रदर्शन करने के बाद अंतिम चार के अहम मुकाबले में एक बार फिर ‘चोकर ’ साबित हुई दक्षिण अफ्रीका टीम
क्यों विश्व क्रिकेट से कट गया था दक्षिण अफ्रीका..?
दक्षिण अफ्रीका सरकार ने कुछ ऐसे नियम बनाए थे, जिसने आईसीसी को असमंजस में डाल दिया था. सरकार के नियमों के मुताबिक उनके देश की टीम को श्वेत देशों (इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) के खिलाफ ही खेलने की अनुमति थी. यह भी शर्त यह थी कि विपक्षी टीम में श्वेत खिलाड़ी ही खेलेंगे.
आईसीसी ने दक्षिण अफ्रीका को निलंबित कर दिया, जिससे अफ्रीकी खिलाड़ियों का भविष्य पर खतरे में पड़ गया. वहां के कई क्रिकेटर्स का करियर इस इंतजार में खत्म हो गया कि दक्षिण अफ्रीकी टीम की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कब वापसी होगी. आखिरकार 21 साल बाद (1991 में) वह दिन आया, जब दक्षिण अफ्रीका में बदलाव आया और वहां रंगभेद की नीति को खत्म किया गया.