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ऑपरेशन क्रिकेट गेट: वन डे की पिच है बिकाऊ!

इंडिया टुडे स्पेशल इंवेस्टीगेटिव टीम ने अपनी तहकीकात में क्रिकेट के इस काले सच को बेनकाब किया है.

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ऑपरेशन क्रिकेट गेट
ऑपरेशन क्रिकेट गेट

पिच फिक्सिंग देश में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की हैरान कर देने वाली सच्चाई है. इंडिया टुडे स्पेशल इंवेस्टीगेटिव टीम ने अपनी तहकीकात में क्रिकेट के इस काले सच को बेनकाब किया है.

बुधवार को पुणे में न्यूजीलैंड से वन डे इंटरनेशनल मैच की पूर्वसंध्या पर सीनियर पिच क्यूरेटर को अंडरकवर रिपोटर्स ने छुपे हुए कैमरे में ये कहते हुए कैद किया कि जैसी चाहे पिच फिक्सिंग की जा सकती है.

बता दें कि इसी साल फरवरी में पुणे में ही भारत और ऑस्ट्रेलिया मैच के दौरान ‘खराब’ पिच के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की आलोचना के बाद दुनिया भर में शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था.

पुणे में महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) स्टेडियम के पिच क्यूरेटर पांडुरंग सालगांवकर को इंडिया टुडे के कैमरे पर ये रजामंदी देते हुए कैद किया गया कि बुधवार के मैच के लिए वो पिच में कुछ अतिरिक्त बाउंस, मूवमॆट देने के लिए तैयार है जिससे बैट और बॉल के बीच कुछ संतुलन बना रहे.

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बता दें कि ICC और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए बेहद कड़े नियम हैं. इसमें मैच से पहले किसी बाहरी व्यक्ति के फील्ड पर जाने को लेकर भी सख्त पाबंदी है.

सालगांवकर ना सिर्फ इंडिया टुडे के अंडर कवर रिपोर्टर्स को पुणे में पिच तक ले गया बल्कि उन्हें पिच को ठोक कर देखने के लिए भी कहा. क्यूरेटर का सबसे खतरनाक चेहरा तब सामने आया जब उसने ये जानकारी भी दे दी कि पिच बैटिंग के लिहाज से बढ़िया खेलेगी.

यहां ये बताना जरूरी है कि अंडरकवर रिपोर्टर्स ने क्यूरेटर से खुद को बुकीज बताते हुए संपर्क किया था.

सालगांवकर ने कहा, ‘ये (पिच) बहुत बढ़िया है, मेरा अनुमान है 337 रन बनेंगे.’

रिपोर्टर- ‘क्या तुम पक्का कह रहे हो?’

सालगांवकर- ‘पक्का और 337 रन का पीछा किया जा सकता है. इसमें कोई संदेह नहीं है.’

जो सालगांवकर ने कहा, उसे माना जाए तो पुणे की पिच बैट्समैन को बड़ी मुफीद रहेगी और रन का अंबार लगेगा. खास तौर पर हार्ड हिटिंग करने वाले बैट्समैन को पिच रास आएगी. यानी बुकीज़ के लिए भी उन पर बड़ा दांव लगाने का मौका.

सालगांवकर ने खुद भी पूर्व क्रिकेटर है. सालगांवकर ने अंडरकवर रिपोर्टर्स को ना सिर्फ पिच तक जाने बल्कि उसे पैर से ठोकने की छूट भी दी.

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सालगांवकर ने कहा कि ‘ऐसा करने की इजाजत नहीं है. बीसीसीआई पर्यवेक्षक आसपास ही बैठे हैं. अगर कल कोई मुझसे पूछेगा तो मैं कहूंगा कि यहां कोई नहीं आया. मैं नहीं जानता.’

इसके बाद क्यूरेटर ने टीमों में से किसी एक पक्ष के मुताबिक पिच को ढालने की गारंटी भी दी.

अंडर कवर रिपोर्टर- ‘दो खिलाड़ी पिच से कुछ बाउंस चाहते हैं, क्या ऐसा हो सकता है.’

सालगांवकर- ‘ऐसा किया जा सकता है. मैं आपको बताता हूं कि ये 340 रन की विकेट है.’

अंडर कवर रिपोर्टर- ‘अच्छा है, इस पर दांव लग सकता है. लेकिन हम (एक टीम) फेवर चाहते हैं.’

सालगांवकर- ‘मैंने आपको पहले ही बताया कि ऐसा अच्छी तरह किया जा सकता है.’

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