Delhi Capitals IPL 2025 Flop Show: इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कोई टीम अपने पहले चार मैच लगातार जीतने के बावजूद प्लेऑफ में जगह नहीं बना पाई. इस शर्मनाक रिकॉर्ड को दिल्ली कैपिटल्स ने अपने नाम किया. दिल्ली की टीम ने पने पहले छह मुकाबलों में से मह एक मैच गंवाया था.
बुधवार (21 मई) को मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ 59 रनों की हार पिछले छह मैचों में उनकी पांचवीं हार थी. इस तरह उनका प्लेऑफ में पहुंचने का सपना धरा का धरा रह गया.
Dominant victory ✅
— IndianPremierLeague (@IPL)
Playoffs ✅
A dream outing for in their last match at Wankhede this season as they secure a 59-run win over 💙👏
Scorecard ▶ | |
दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच हेमंग बदानी ने कहा कि उनके बाहर होने का एक कारण उनकी ओपनिंग बैटिंग जोड़ी रही. सीजन की शुरुआत में टीम अपने सफल दौर में थी. दिल्ली कैपिटल्स ने इस आईपीएल में तीन ओपनिंग जोड़ियों का इस्तेमाल किया.
फाफ डु प्लेसिस और जेक फ्रेजर-मैकगर्क , फ्रेजर-मैकगर्क और केएल राहुल , अभिषेक पोरेल और फ्रेजर-मैकगर्क. अब चूंकि आईपीएल में हेमंग बदानी का अभियान समाप्त हो चुका है, ऐसे में दिल्ली के ओपनर्स का सीजन में एवरेज 19.23 दर्ज किया गया, जो IPL की सभी टीमों में सबसे कम है.
बुधवार को मुंबई इंडियंस (MI) ने मुकेश कुमार के खिलाफ 19वें ओवर में 27 रन और चमीरा के अंतिम ओवर में 21 रन बनाए. इसके चलते दिल्ली कैपिटल्स (DC) को जीत के लिए 181 रन का लक्ष्य मिला. वानखेड़े की यह पिच ऐसी नहीं थी जहां आसानी से शॉट लगाए जा सकें, लेकिन सूर्यकुमार यादव ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 43 गेंदों में नाबाद 73 रन बनाए, जिसमें तीन छक्के और दो चौके शामिल थे. वहीं नमन धीर ने भी आखिरी दो ओवरों में सिर्फ 8 गेंदों पर नाबाद 24 रन बनाए, जिसमें दो चौके और दो छक्के शामिल थे.
बदानी ने भी माना कि वहीं से दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने मैच में पकड़ खो दी. बदानी ने कहा- हमारे गेंदबाजों ने 18 ओवर बहुत अच्छी लाइन-लेंथ में डाले थे. लेकिन आखिरी के ओवरों में हमारी गेंदबाजी वैसी नहीं रही जैसी हम उम्मीद करते हैं. आखिरी दो ओवरों में 48 रन चले गए, जो मैच का बड़ा फर्क साबित हुआ.
बदानी ने यह भी कहा कि ये समझना चाहिए था कि पिच धीमी हो गई थी, ऐसे में स्लोअर बॉल (कटर) और वाइड यॉर्कर डालने चाहिए थे, और जब आप यॉर्कर डालने की कोशिश करते हैं, तो इंटरनेशनल लेवल के गेंदबाजों से ये उम्मीद की जाती है कि वो उन गेंदों को सही से फेंके, लेकिन अगर आप ऐसा नहीं कर पाते, तो बल्लेबाज इसका फायदा उठाते हैं.
वहीं दिल्ली को मिचेल स्टार्क की भी कमी खली जो आईपीए के बीच में सस्पेंड होने के बाद स्वदेश लौट गए थे. अगर स्टार्क मुंबई के खिलाफ खेल रहे होते, तो संभवत: ऐसा हाल तो दिल्ली का नहीं होता.
करुण नायर भी शुरुआत के बाद फिसले
करुण नायर को दिल्ली कैपिटल्स (DC) के पांचवें मैच में टीम में शामिल किया गया, जहां उन्होंने मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ दिल्ली में खेलते हुए सिर्फ 40 गेंदों में जबरदस्त 89 रन बनाए. वो नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने आए थे और उस मुकाबले में उन्होंने जसप्रीत बुमराह की जमकर धुनाई की. उन्होंने पावरप्ले के आखिरी ओवर में बुमराह के खिलाफ तो 18 रन जड़ दिए.
Hurting.
— Delhi Capitals (@DelhiCapitals)
लेकिन इसके बाद जो 6 मैच उन्होंने खेले, उनमें उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा. तीन मैचों में वो दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके, जिसमें दो बार वो बिना कोई रन बनाए आउट हुए. इन छह मैचों में उनका सबसे अच्छा स्कोर सिर्फ 31 रन रहा. इनमें से दो मैचों में उन्हें ओपनिंग यानी पारी की शुरुआत करने भेजा गया था.
केएल राहुल के साथ किए गए एक्सपेरिमेंट
इसी तरह राहुल ने सीजन की शुरुआत नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए की, लेकिन बाद में उन्हें ऊपर-नीचे किया गया. कभी ओपनिंग पर, कभी नंबर 3 पर, और फिर वापस नंबर 4 पर भेजा गया. गेंदबाजी कोच मुनाफ पटेल के मुताबिक, राहुल ने खुद दिल्ली में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ ओपनिंग करने की इच्छा जताई थी. उस मैच में उन्होंने नाबाद 112 रन बनाए और फिर बुधवार को मुंबई में हुए मैच में भी ओपनिंग की.
मुंबई के खिलाफ अक्षर पटेल की कमी खली
हेड कोच बदानी माना कि नियमित कप्तान अक्षर पटेल की कमी दिल्ली कैपिटल्स (DC) को मुंबई के खिलाफ महसूस हुई. अक्षर पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार में थे और मैदान पर भी नहीं आ पाए. उनकी गैरमौजूदगी में DC ने दो स्पिनर्स के तौर पर कुलदीप यादव और विपराज निगम को खिलाया. वहीं बल्लेबाज़ी लाइन-अप में टॉप 8 में सिर्फ एक ही बाएं हाथ का बल्लेबाज के तौर पर अभिषेक पोरेल थे.
बदानी ने कहा- अगर अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ी टीम में होते तो बड़ा फर्क पड़ता है, इस तरह की पिच पर बाएं हाथ के स्पिनर और अक्षर जैसा ऑलराउंडर हमारे लिए बहुत काम का हो सकता था, उनकी बाएं हाथ की बल्लेबाजी भी सेंटनर जैसे गेंदबाज का मुकाबला करने में मदद करती, लेकिन जैसा मैंने कहा, बेहतर टीम ने मैच जीता. सीजन को लेकर बदानी ने इस बात का भी अफसोस जताया कि टीम कुछ करीबी मैच हार गई, जिससे प्लेऑफ की रेस में पीछे रह गई.
बदानी ने कहा- मुंबई के खिलाफ दिल्ली में हम आसानी से जीत की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन फिर भी मैच हार गए_ इसी तरह KKR के खिलाफ भी, हमें सिर्फ 6 ओवर में 60 रन चाहिए थे (41 गेंदों में 69 रन), हमारे पास 7 विकेट बचे थे और दो सेट बल्लेबाज़ – डु प्लेसिस और अक्षर पटेल – क्रीज पर थे. अगर आपको ये टूर्नामेंट जीतना है या प्लेऑफ तक पहुंचना है, तो ऐसे मैचों को खत्म करना बहुत जरूरी होता है, और अगर आप ऐसा नहीं कर पाते, तो फिर किसी और को दोष नहीं दे सकते, सिर्फ खुद को ही जिम्मेदार ठहराना होगा. दिल्ली का आखिरी लीग मैच 24 मई को जयपुर में पंजाब किंग्स के खिलाफ है.