भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकमात्र दिन-रात्रि महिला क्रिकेट टेस्ट के वर्षा से प्रभावित पहले दिन गुरुवार को एक विकेट पर 132 रन बनाए. सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी (नाबाद 80 रन) खेली.
ऑफ साइड पर कुछ शानदार शॉट लगाने वाली मंधाना ने 144 गेंदों में 15 चौके और एक छक्के की मदद से 80 रन बना लिये हैं. उन्होंने पहले विकेट के लिए शेफाली वर्मा के साथ 93 रनों की साझेदारी की. शेफाली ने 64 गेंदों में 31 रन बनाए.
दूसरे सत्र का अधिकांश खेल बारिश की भेंट चढ़ गया, लेकिन इस सत्र में मंधाना 16 रन और जोड़कर 78 रनों के अपने पिछले निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ने में सफल रहीं. बारिश के कारण 45वें ओवर में खेल रुका और चाय का विश्राम जल्दी लेना पड़ा. इसके बाद दोबारा खेल शुरू नहीं हो पाया.
मंधाना ने ताहलिया मैक्ग्रा पर डीप स्क्वॉयर लेग के ऊपर से छक्का जड़ा और फिर इसी गेंदबाज पर मिड विकेट के ऊपर से चौका भी मारा.
दिन का खेल खत्म होने पर पूनम राउत (57 गेंदों में 16 रन) मंधाना का साथ निभा रही थी. दोनों दूसरे विकेट के लिए 39 रनों की अटूट साझेदारी कर चुकी हैं.
It's Stumps on Day 1 of the
— BCCI Women (@BCCIWomen)
Bad weather 🌧️ makes its presence felt as 🇮🇳 end Day 1️⃣ at 132/1
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इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने हरी पिच पर टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला लिया, लेकिन मंधाना ने उसे गलत साबित कर दिखाया.
असल में शेफाली और मंधाना ने अपने पारंपरिक खेल के विपरीत बल्लेबाजी करके ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को चकमा दे दिया. आम तौर पर आक्रामक खेलने वाली शेफाली ने मंधाना के सहायक की भूमिका निभाई. शुरुआती 16 ओवरों में 16 बाउंड्री लगीं, जिसमें से अधिकांश मंधाना के बल्ले से निकलीं. शेफाली ने भी इस बीच कुछ आकर्षक शॉट खेले.
टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर रहीं डार्सी ब्राउन की गेंदों पर मंधाना ने कई चौके लगाए. मैक्ग्रा को कवर ड्राइव लगाकर मंधाना ने अपना अर्धशतक पूरा किया. वहीं, शेफाली ने अपनी पारी में चार चौके जड़े. उन्हें दो जीवनदान भी मिले. पहले स्लिप में मैग लेनिंग ने उनका कैच छोड़ा, जबकि बाद में अनाबेल सदरलैंड ने मिड ऑन पर कैच टपकाया.
आखिर में मैक्ग्रा ने बाएं हाथ की स्पिनर सोफी मोलिन्यु की गेंद पर मिड ऑफ में कैच पकड़कर उन्हें पवेलियन भेजा.
स्पिनर मोलिन्यु (18 रन पर एक विकेट) और एशलेग गार्डनर (14 रन पर कोई विकेट नहीं) के गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालने के बाद रन गति पर कुछ अंकुश लगा. मंधाना ने शुरुआती 51 रन 50 गेंदों पर बनाए, जबकि अगले 29 रन के लिए उन्होंने 94 गेंदें खेंलीं.