रंगभेद नीति के कारण दक्षिण अफ्रीका पर प्रतिबंध की वजह से वहां के क्रिकेटरों का बड़ा नुकसान हुआ. उनका भविष्य अंधकार में चला गया. अफ्रीका में क्रिकेट की वापसी हुई, लेकिन 21 साल बाद... तब तक कई क्रिकेटरों की प्रतिभा लंबे इंतजार में दम तोड़ गई. इस कड़ी में एक नाम क्लाइव राइस का है, अगर उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका मिला होता, तो आज दुनिया के महान ऑलराउंरों में उनका शुमार होता. इस अफ्रीकी धुरंधर का आज (23 जुलाई) जन्मदिन है.
क्लाइल राइस का नाम इमरान खान, इयान बॉथम, कपिल देव और रिचर्ड हैडली के साथ 1980 के दशक के पांचवें महान ऑलराउंडर के तौर पर जुड़ सकता था, लेकिन उनका टेस्ट क्रिकेट खेलने का सपना अधूरा रह गया. उन्हें 25 साल (1969-94) लंबे फर्स्ट क्लास करियर से संतोष करना पड़ा. राइस ने ज्यादातर मैच नॉटिंघमशायर और ट्रांसवाल के लिए खेले. उन्होंने रिचर्ड हैडली के साथ गेंदबाजी का आगाज करते हुए काउंटी क्रिकेट में नॉटिंघमशायर को कई सफलताएं दिलवाईं.
क्लाइव राइस का फर्स्ट क्लास करियर बेहद शानदार रहा. इस दौरान उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी और धारदार तेज गेंदबाजी की बदौलत कई धमाकेदार प्रदर्शन किए. राइस ने 482 मैचों में 41 के एवरेज से 26331 रन बनाए, जिसमें उनके 48 शतक और 137 अर्धशतक शामिल रहे. उनका उच्चतम स्कोर 246 रहा. साथ ही 22 के बॉलिंग एवरेज से 930 विकेट भी चटकाए. पारी में उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 7/62 रही.
क्लाइव राइस ने 1969 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया था. अफ्रीकी टीम ने प्रतिबंध लगने से पहले अपनी आखिरी सीरीज 1969/70 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली थी. इसके बाद 1971-72 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए क्लाइव राइस का चयन हो गया था, लेकिन यह दौरा रद्द हो गया और इसके बाद एक ऐसा 'अंधकार युग' शुरू हुआ, जो 21 साल तक बरकरार रहा.
कोलकाता के ईडन गार्डन्स में अपनी टीम के साथ क्लाइव राइस.
क्लाइव राइस को कभी टेस्ट कैप नहीं मिली, लेकिन निलंबन हटने के बाद 1991 में जब साउथ अफ्रीका ने दोबारा क्रिकेट में वापसी की तो सांत्वना के तौर पर उन्हें अपना कप्तान बनाया. रंगभेद के बाद के युग में वह दक्षिण अफ्रीका के पहले वनडे कप्तान बने. लेकिन तब तक वह 42 साल के हो चुके थे, इस वजह से 1992 के वर्ल्ड कप के लिए उन्हें नहीं चुना गया.
आईसीसी से दोबारा जुड़ने के 4 महीने के अंदर दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत दौरे पर आई थी. वापसी के बाद उसने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला था. हालांकि वह मुकाबला भारत ने 3 विकेट से जीता था. तीन वनडे मैचों की वह सीरीज भारत ने 2-1 से जीती थी.
पहले ही मैच (डेब्यू) में तेज गेंदबाज एलन डोनाल्ड ने अपनी छाप छोड़ी थी. उन्होंने 29 रन देकर 5 विकेट झटके थे. डोनाल्ड और सचिन तेंदुलकर (62 रन, 1 विकेट) उस मैच में संयुक्त रूप से 'मैन ऑफ द' मैच रहे. उस अफ्रीकी टीम के कप्तान क्लाइव राइस थे, हालांकि आज वे इस दुनिया में नहीं हैं. 66 साल की उम्र में 28 जुलाई 2015 को उनका निधन हो गया.