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ऑक्टोपस समुद्र के अंदर उठाकर फेंक रहे सामान, वैज्ञानिक हरकत देख हैरान

आठ भुजाओं वाले ऑक्टोपस को कभी इस तरह नहीं देखा गया होगा. शोधकर्ताओं को इन ऑक्टोपस के बारे में एक अनोखी बात का पता चला है. समुद्र में ये जीव एक दूसरे पर तरह-तरह की चीजें फेंकते हैं. यूं लगता है जैसे दो बच्चे आपस में लड़ाई कर रहे हों. आप भी वीडियो देखकर हैरान हो जाएंगे.

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एक दूसरे पर मलबा और सामान फेंक रहे हैं ऑक्टोपस (Photo: Sylke Rohrlach)
एक दूसरे पर मलबा और सामान फेंक रहे हैं ऑक्टोपस (Photo: Sylke Rohrlach)

ऑक्टोपस (Octopus) अकेले रहना पसंद करते हैं, उन्हें उनके इसी स्वभाव के लिए जाना जाता है. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के जर्विस बे (Jervis Bay, Australia) में ग्लूमी ऑक्टोपस (Gloomy octopus) कहे जाने वाले ऑक्टोपस टेट्रिकस (Octopus tetricus) अपने व्यवहार से अलग बर्ताव कर रहे हैं. 

सेफलोपॉड (Cephalopod) शोधकर्ताओं की एक टीम ने पानी के नीचे, ऑक्टोपस के वीडियो शूट किए, ताकि वे ये पता लगा सकें कि वे कैसे रहते हैं और एक दूसरे के साथ किस तरह व्यवहार करते हैं. 

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इनकी आंखों की वजह से ही इनका ना ग्लूमी ऑक्टोपस रखा गया  (Photo: Sylke Rohrlach)

पानी से कैमरे निकालने के बाद, शोधकर्ताओं ने 20 घंटे से भी ज्यादा समय की फुटेज देखी. एंकोरेज (Anchorage) में अलास्का पैसिफिक यूनिवर्सिटी के बिहेवियरल ईकोलॉजिस्ट और शोध के सह-लेखक डेविड स्कील (David Scheel) का कहना है कि ऐसा लग रहा था जैसे हम ऑक्टोपस टीवी देख रहे हों.

नेचर (Nature) जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, उन्होंने कहा कि हमने एक बड़ा अजीब व्यवहार देखा. ऑक्टोपस ने अपनी बाहों की मदद से शेल, समुद्र का मलबा, शैवाल इकट्ठा किए और फिर उन्हें दूर फेंक दिया. अपने साइफन की मदद से वे पानी के साथ इन्हें फेंक रहे थे. कभी-कभी ये भी लगा कि वे मलबा या बचा हुआ खाना फेंक रहे थे. और कभी ये लगा कि वे एक दूसरे पर चीजें फेंक रहे थे.

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एक दूसरे से संपर्क करने के लिए यही तरीका अपनाते हैं ऑक्टोपस (Photo: John Turnbull)

टीम को सुराग मिले कि ऑक्टोपस जानबूझकर एक दूसरे को निशाना बना रहे थे. वे एकदूसरे पर काफी तेजी से चीजें फेंक रहे थे. और ऐसा तब हो रहा था जब चीजें फेकने वाला ऑक्टोपस अपने शरीर के रंग को गहरे रंग या मध्यम रंग में बदल रहा था. नीचे दिए वीडियो में ऑक्टोपस के इस व्यवहार को देखा जा सकता है.

डेविड स्कील कहते हैं कि हमें पता नहीं चला पा रहा था कि आखिर ये ऐसा व्यवहार क्यों कर रहे हैं. लेकिन उनका कहना है कि ऐसा करके शायद उन्हें ये समझने में मदद मिलती हो कि उनके आसपास बहुत सारे ऑक्टोपस हैं. दूसरे शब्दों में, शायद सामाजिक तौर पर ये इसी तरह रहते हों.

 

इटली में नेपल्स फेडरिको II यूनीवर्सिटी में ऑक्टोपस न्यूरोबायोलॉजिस्ट तामार गुटनिक (Tamar Gutnick) का कहना है कि इस शोध से इन चालाक जानवरों के सामाजिक जीवन को समझने में मदद मिलती है. इन खास ऑक्टोपस के लिए यह वातावरण ऐसा है कि उनके बीच इसी तरह से ही बातचीत होती है, यह इसी तरह से एकदूसरे से संपर्क बनाते हैं. 

 

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