मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भय्यू जी महाराज ने खुद को गोली मार ली. उन्हें बॉम्बे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अभी तक खुदकुशी की वजह का पता नहीं चल सका है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, भय्यू जी महाराज डिप्रेशन से जूझ रहे थे. हॉस्पिटल के बाहर उनके समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई है.
इंदौर डीआईजी हरिनारायणचारी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया है कि आध्यात्मिक गुरु ने अपने आवास पर खुद को गोली मारी है. उनका कहना है कि भय्यूजी महाराज के ऐसा बड़ा कदम उठाने के पीछे पारिवारिक कलह को वजह माना जा रहा है.
नवंबर 2015 में भय्यू जी महाराज की पहली पत्नी माधवी का निधन हो गया था. उन्होंने 30 अप्रैल 2017 को डॉक्टर आयुषी शर्मा से दूसरी शादी की थी. सूत्रों के मुताबिक, उनकी पहली बीवी से हुई बेटी को लेकर उनके और उनकी दूसरी पत्नी के बीच झगड़ा होता रहता था.
आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिसमें उन्होंने आत्महत्या करने की वजह परिवारिक कलह बताई है. सुसाइड नोट के मुताबिक वे भारी डिप्रेशन में थे.
उन्होंने अपने सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है.
उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा, "मेरी मौत के बाद मेरे परिवार का ख्याल रखें, मैं जा रहा हूं, मैं बहुत तनाव में हूं और पूरी तरह थक चुका हूं..."
मध्य प्रदेश में भय्यू जी महाराज को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था लेकिन उन्होंने कार व अन्य सुविधाएं लेने से इनकार कर दिया था.
1968 को जन्मे भय्यू महाराज का असली नाम उदयसिंह देखमुख था. वे शुजालपुर के
जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे. जमींदार के बेटे और पूर्व मॉडल भय्यू
महाराज अपनी लाइफस्टाइल के लिए भी मशहूर थे.
वह सफेद रंग की SUV मर्सिडीज से चलते थे और ट्रिप के दौरान महंगे और आलीशान रिजॉर्ट में रहते थे. बड़े-बड़े राजनीतिज्ञों से लेकर बिजनेसमैन तक उनसे आध्यात्मिक मामलों पर सलाह मांगने आते थे.
कभी कपड़ों के एक ब्रांड के लिए मॉडलिंग कर चुके भय्यू महाराज का देश के दिग्गज राजनीतिज्ञों से संपर्क था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, शिवसेना के उद्धव ठाकरे, मनसे के राज ठाकरे, लता मंगेशकर, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल समेत कई हस्तियां उनके आश्रम जा चुकी हैं.
सद्गुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट उनकी ही देखरेख में चलता है. उनका मुख्य आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर है. मर्सिडीज जैसी महंगी गाड़ियों में चलने वाले भय्यू महाराज रॉलेक्स ब्रांड की घड़ी पहनते थे. वह अक्सर ट्रैक सूट में भी नजर आते थे. एक किसान की तरह वह कभी अपने खेतों को जोतते-बोते दिखते थे, तो कभी क्रिकेट के शौकीन नजर आते थे. घुड़सवारी और तलवारबाजी में महारथ के अलावा कविताओं में भी उनकी दिलचस्पी थी. जवानी में उन्होंने सियाराम शूटिंग-शर्टिंग के लिए पोस्टर मॉडलिंग भी की थी.
वे एक नए किस्म के संत की छवि गढ़ने में जुटे हुए थे. उनकी एक बेटी है और वे आम गृहस्थ की तरह इसी 2 मई को अपने पिताजी के निधन से पहले तक माता-पिता के साथ घर में रह रहे थे. वे फेसबुक और ट्विटर पर भी सक्रिय रहते थे.
हाई प्रोफाइल संत भय्यू महाराज ने इंदौर की डॉक्टर से दूसरी शादी की थी. उनकी पहली पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका है. 2011 में लोकपाल बिल को लेकर अनशन पर बैठे अन्ना हजारे को जूस पिलाने के बाद वह चर्चा में आए थे.