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नागपंचमी पर खुलेंगे नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट

सनातन धर्म में नागपंचमी को नाग की पूजा का विशेष महत्व है, और यही कारण है कि इस दिन नाग मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है. मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के दरवाजे वर्ष में एक बार 24 घंटे के लिए नागपंचमी पर खुलते हैं.

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नागपंचमी
नागपंचमी

सनातन धर्म में नागपंचमी को नाग की पूजा का विशेष महत्व है, और यही कारण है कि इस दिन नाग मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है. मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के दरवाजे वर्ष में एक बार 24 घंटे के लिए नागपंचमी पर खुलते हैं.

इस बार पट मंगलवार आधी रात यानी 12 बजे खुलेंगे. नागचंद्रेश्वर का मंदिर महाकालेश्वर मंदिर के सबसे ऊपरी तल पर स्थित है. इस मंदिर में 11वीं शताब्दी की प्रतिमा स्थापित है. एक प्रतिमा में नाग के फन पर शंकर पार्वती विराजमान हैं और इस प्रतिमा के दर्शन के बाद ही नागचंद्रेश्वर महादेव के दर्शन होते हैं.

मान्यता है कि नागपंचमी के मौके पर इस मंदिर के दर्शन से कई समस्याओं से मुक्ति मिलती है, क्योंकि खुद नागदेवता इस दिन मंदिर में आते हैं. मंदिर प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात 12 बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ आम भक्तों के लिए मंदिर के पट खुल जाएंगे और नागचंद्रेश्वर महादेव के लगातार 24 घंटे दर्शन होंगे. मंदिर के पट 19 अगस्त की रात 12 बजे बंद होंगे.

इस 24 घंटे की अवधि में दो-तीन लाख श्रद्घालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से विशेष प्रबंध किए गए हैं.

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-इनपुट IANS

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