राजस्थान पेपर लीक मामले में ईडी की जांच-पढ़ताल जारी है. नागौर और डीडवाना जिले में दो ठिकानों पर सुबह 3 बजे ईडी की टीम ने रेड डाली. इस दौरान टीम के सीआरपीएफ की जवान सुरक्षा में मौजूद रहे. डीडवाना खरिया गांव के रहने वाले राहुल भाकर और सुरेंद्र भाकर के घर पर रेड मारी गई है. वहीं, नागौर जिले के डेगाना गांव के चक ढाणी गांव में सरकारी शिक्षक यजुवेंद्र जांगिड़ के ठिकाने पर सुबह-सुबह टीम ने दस्तक दी.
पिता-पुत्र दोनों सरकारी शिक्षक
यजुवेंद्र घर 2 गाड़िया में 8-10 लोग पहुंचे. यजुवेंद्र सरकारी शिक्षक हैं. अपने गांव चक ढाणी के पास खियांस गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात है. पिछले तीन साल से जयपुर के शिक्षा विभाग में शाला दर्पण पोर्टल पर डेपुटेशन पर कार्यरत है. यजुवेंद्र के पिता खेताराम जांगिड़ भी चक ढाणी के नजदीक पुनास गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में तैनात हैं.
युजवेंद्र ने खरीदी 70 बीघा जमीन, जयपुर में कोचिंग
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यजुवेंद्र जांगिड़ की पत्नी सीकर की कलाम कोचिंग में पार्टनर हैं. यजुवेंद्र ने पिछले दिनों नागौर के खजवाना गांव में करीब 70 बीघा जमीन खरीदी है. साथ ही जयपुर में यजुवेंद्र के नाम कोचिंग अकेडमी भी है.
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ऐसे हुआ पेपर लीक का खुलासा
आपको बता दें कि 24 दिसंबर को सेकंड ग्रेड टीचर्स की भर्ती के लिए भर्ती परीक्षा होनी थी. परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थी पहुंच भी गए थे. उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश भी दे दिया गया था. अभ्यर्थी अपनी सीट पर बैठकर प्रश्नपत्र बांटे जाने और परीक्षा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे. तभी अचानक उन्हें ये जानकारी दी गई कि पेपर लीक हो गया है, जिसकी वजह से परीक्षा निरस्त कर दी गई है. हुआ ये कि राजस्थान के उदयपुर जिले की बेकरिया पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली. पेपर लीक हो जाने की गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस महकमा एक्टिव मोड में आ गया.