वो बोलते हैं तो जहर बोते हैं. वो जुबान खोलते हैं तो आग उलगलते हैं और कई बार तो उनकी लड़ाई गली-मोहल्ले के  झगड़ों को भी शर्मसार कर दे. ऐसे नेताओं की एक पूरी फौज है जो अपने बयानों से हर रोज लोकतंत्र को शर्मसार कर रहे हैं.