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मातम में बदली चौहान परिवार की खुशियां

मातम में बदली चौहान परिवार की खुशियां

15 नवंबर 2004 की रात रुड़की के ज्‍वेलर संजीव अपने परिवार के साथ हरिद्वार जा रहे थे. तभी पीछे से कुछ अज्ञात लोगों ने इनका पीछा किया और उन्‍हें रुकने का इशारा किया. जब संजीव नहीं रुके तो उनपर गोली चला दी गई.

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