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MP में पत्थरबाजों से वसूली का कानून लागू, दंगाई की मौत के बाद भी वसूला जाएगा हर्जाना

शिवराज कैबिनेट ने दिसंबर 2021 में लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान निवारक और नुकसानी वसूली अधिनियम-2021 को मंजूरी दे दी थी.

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खरगोन में हाल ही में हिंसा हुई थी जिसके बाद आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाया गया था. -फाइल फोटो खरगोन में हाल ही में हिंसा हुई थी जिसके बाद आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाया गया था. -फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • निजी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से होगी वसूली
  • दंगाई की मौत के बाद भी उसकी संपत्ति से की जाएगी वसूली

मध्य प्रदेश में पत्थरबाजों से वसूली कानून का नोटिफिकेशन जारी हो गया है. इस कानून में कहा गया है कि दंगाई की मौत के बाद भी उसकी संपत्ति से वसूली कर नुकसान की भरपाई की जाएगी. इस संबंध में मध्य प्रदेश लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान का निवारण एवं नुकसान की वसूली एक्ट का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है.

कानून के मुताबिक, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाई की अगर मौत भी हो जाती है तो भी मुआवजे का दावा खत्म नहीं होगा और उसकी संपत्ति से वसूली कर नुकसान की भरपाई की जाएगी. 

गजट में प्रकाशित होने के साथ ही यह एक्ट पूरे मध्य प्रदेश में लागू हो गया है. दंगे या अन्य किसी तरह से हुए नुकसान का मूल्यांकन ट्रिब्यूनल करेगा. इसके बाद ट्रिब्यूनल नुकसान करने वाले से उसकी वसूली करेगा. यहां सुनवाई के दौरान यदि किसी नुकसान करने वाले की मौत हो जाती है तो भी मामला खत्म नहीं होगा, बल्कि उसकी संपत्ति को बेचकर नुकसान की भरपाई की जाएगी. 

अधिनियम में किये गये प्रावधान अनुसार, दावा अधिकरण का निर्णय लिखित आदेश होगा. इसे ओपन कोर्ट में सुनाया जायेगा. प्रत्येक निर्णय/आदेश की मूल प्रति जिला मजिस्ट्रेट के न्यायिक अभिलेख कक्ष में प्रस्तुत की जायेगी. दावा आयुक्त प्रत्येक पक्ष को आदेश की एक प्रति निशुल्क प्रदान करेगा. अधिनियम में अधिकरण के आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय के समक्ष 90 दिवस की अवधि में अपील प्रस्तुत करने का भी प्रावधान किया गया है.

दिसंबर 2021 में एक्ट को दी गई थी मंजूरी

मध्य प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2021 में में लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान निवारक व नुकसानी की वसूली अधिनियम-2021 को मंजूरी दे दी थी. मध्य प्रदेश से पहले उत्तर प्रदेश और हरियाणा में इस कानून को मंजूरी मिल चुकी है.

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