डायबिटीज के मरीजों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत खान-पान की होती है. क्या खाएं और क्या नहीं, इसे लेकर सबसे ज्यादा उलझन होती है.
फल खाना सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन अधिकतर फलों में शुगर होती है. तो डायबिटीज के मरीजों को फल खाना चाहिए या नहीं?
क्या डायबिटीज के मरीजों के लिए फल खाना नुकसानदायक होता है. आइए जानते हैं कि डायबिटीज में फल कितना और कैसे खाएं.
'द अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन' (ADA) की सलाह है कि डायबिटीज में कोई भी फल खाया जा सकता है जब तक कि मरीज को किसी फल से एलर्जी ना हो.
2014 में प्रकाशित हुए ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के मुताबिक, ज्यादा मात्रा में फल खाने से टाइप 2 डायबिटीज का हल्का खतरा होता है.
ताजे फल प्रोसेस्ड फलों के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद होते हैं. प्रोसेस्ड फूड में ड्राई फ्रूट और फ्रूट जूस भी शामिल हैं.
डायबिटीज से पीड़ित लोगों को प्रोसेस्ड फूड खाने से बचना चाहिए.
'द नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डायबेटिक ऐंड डाइजेस्टिव ऐंड किडनी डिसीजेस' का सुझाव है कि डायबिटीज के मरीजों को फलों का जूस और ऐडेड शुगर वाले कैन्ड फ्रूट्स खाने से बचना चाहिए.
डायबिटीज के मरीजों के लिए हर फल का ग्लाइकेमिक इंडेक्स (GI) जरूर जान लेना चाहिए. GI किसी भी फूड आइटम की 1 से 100 के स्केल पर दी गई रेटिंग होती है. यह स्कोर बताता है कि कोई चीज कितनी जल्दी शरीर में ब्लड शुगर का लेवल बढ़ा सकती है. ज्यादा GI वाली चीजें शरीर में जल्दी अवशोषित हो जाती है जबकि कम GI वाली धीरे.
ग्लाइकेमिक लोड (GL) से GI के साथ-साथ कार्बोहाइड्रेट की मात्रा के बारे में भी पता चलता है. कम GI और कम GL वाली चीजें ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार होती हैं.
कम GI और कम GL वाली चीजें-
कुछ फलों का GI 55 से कम और GL 10 से कम होता है. जैसे- सेब, एवाकैडो, केला, बेरी, चेरी, अंगूर, कीवी, संतरा, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी.
मीडियम GI वाले फल (GI of 56 to 69)-
अंजीर, पपीता, अनानास
ज्यादा GI वाले फल-
70 से ऊपर GI वाले फल इसमें आते हैं और 20 से ज्यादा GL वाले फल हाई जीएल में आते हैं. डायबिटीज में इन फलों का खाना सुरक्षित तो है लेकिन कम GI वाले फल खाना ज्यादा अच्छा है. जैसे- खजूर
फल खाने के कई फायदे हैं. फल खाने से पेट भरा-भरा लगता है और शुगर धीरे-धीरे एब्सॉर्ब होती है. डायबिटीज नियंत्रित करने में फाइबर की अहम भूमिका होती है. घुलनशील फाइबर वाली डाइट से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है. बता दें कि अधिकतर फलों में फाइबर की उच्च मात्रा मौजूद होती है.
फलों और सब्जियों वाली डाइट मोटापे, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम करती है. मोटापे का संबंध टाइप 2 डायबिटीज से होता है.
केले में पोटैशियम और ट्रिप्टोप जैसे अमीनो एसिड मौजूद होते हैं. संतरा और अंगूर में भी विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में मौजूद होता है जो ताकतवर एंटीऑक्सिडेंट होते हैं.
अधिकतर गाइडलाइन्स के मुताबिक, वयस्कों और बच्चों को दिन भर में फलों और सब्जियों की 5 सर्विंग लेनी चाहिए. डायबिटीज के मरीजों पर भी यही लागू होता है.