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ये लड़की 22 साल से केवल नॉनवेज खा रही, दाल-चावल-रोटी-सब्जी छूती भी नहीं, ऐसी है हालत!

कुछ लोगों को खाने से एलर्जी होती है, वे लोग कुछ फूड नहीं खाते. इस स्थिति को मेडिकल की भाषा में अवोइडेंट रिस्ट्रिक्टेड फ़ूड इंटेक डिसऑर्डर (ARFID) कहा जाता है. लेकिन 25 साल की एक लड़की ऐसी है, जिसने पिछले 22 साल से कोई भी शाकाहारी खाना जैसे, फल, सब्जी, दाल, रोटी. चावल, फल, सब्जी नहीं खाया है.

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(Image credit: Facebook/summer.monro)
(Image credit: Facebook/summer.monro)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इस लड़की की उम्र 25 साल है
  • 22 साल से फल-सब्जी नहीं खाया
  • फल खाने की कोशिश की थी, तो हो गई थीं बीमार

कुछ लोगों को वेजिटेरियन खाना पसंद होता है, तो कुछ लोगों को नॉनवेजिटेरियन फूड्स पसंद होते हैं. कुछ लोगों को नॉनवेज खाना पसंद नहीं होता तो कुछ को नॉनवेज से एलर्जी होती है. आपने ये तो सुना होगा कि आपके परिवार वाले, दोस्त या फ्रेंड्स नॉनवेज नहीं खाते, लेकिन क्या आपने सुना है कि कोई ऐसा शख्स है जो वेजिटेरियन को बिल्कुल हाथ ही ना लगाता हो? शायद नहीं सुना होगा.

लेकिन एक लड़की ऐसी है जिसने पिछले 22 साल से शाकाहारी खाना नहीं खाया है. वह रोजाना नॉनवेज खाना ही खाती है. यहां तक कि उसके दोस्त ने एक बार उससे एक मटर का दाना खाना के लिए बोला और पैसे की शर्त लगाई, लेकिन उस लड़की ने मटर का एक दाना खाने से बचने के लिए पैसे छोड़ दिए.

कौन है ये लड़की

22 साल से लगातार नॉनवेज फूड्स खाती आ रही लड़की का नाम समर मोनरो (Summer Monro) है, जो कि कैंब्रिज की रहने वाली हैं. इनकी उम्र मात्र 25 साल है और इन्होंने 22 साल से शाकाहारी फूड बिल्कुल नहीं छुआ है. उनके मुताबिक, जब वे 3 साल की थीं, तब उन्हें मैश किए हुए आलू खाने के लिए मजबूर किया गया था. बस उस दिन के बाद से उन्होंने कभी भी शाकाहारी फूड नहीं खाया. 

एक बार उनसे किसी ने एक दाना मटर का खाने पर लगभग 1000 पाउंड यानी करीब एक लाख रुपये देने की शर्त लगाई थी, लेकिन उन्होंने फिर भी मटर का दाना नहीं खाया था.

3 साल की उम्र तक सब कुछ खाती थीं

समर बताती हैं कि जब वे 3 साल की थीं, तब तक वे सब कुछ खा लेती थीं. लेकिन उस समय किसी ने उन्हें मैश किए हुए आलू (उबले हुए आलू) खिलाने की कोशिश की. बस उस दिन से उन्हें शाकाहारी खाना बंद कर दिया. वे अभी भी सिर्फ कुरकुरे और पतले चिप्स ही खा सकती हैं.  लेकिन इसके अलावा वे कुछ भी नहीं खाती हैं. अगर वे कोई चिकन वाले फूड्स भी खाती हैं, तो वे भी कुरकुरे होने चाहिए. समर, अवॉइडेंट रिस्ट्रिक्टेड फ़ूड इन्टेक डिसऑर्डर (ARFID) से पीड़ित हैं, जो कि एक फोबिया है. 

3 महीने तक नहीं खाया था चिकन

समर के मुताबिक, विटामिन-मिनरल जैसे किसी भी सप्लीमेंट का वे प्रयोग नहीं करतीं, लेकिन फिर भी वे पूरी तरह सेहतमंद हैं. उन्होंने कई ब्लड टेस्ट भी कराए लेकिन कोई भी प्रॉब्लम नहीं निकली. लेकिन एक समय उनकी लाइफ में ऐसा वक्त भी आया कि कहीं पर चिकन नगेट्स खाते समय उसमें उन्हें मुर्गे की नस मिली. उसके बाद उन्होंने तीन महीने तक चिकन खाना बंद कर दिया था. इसके अलावा, कुछ दूसरे नॉनवेज फूड्स से वह मात्र 100 कैलोरी का सेवन कर रही थीं.

खाने से तबीयत हो जाती है खराब

समर बताती हैं कि मैं फिजिकली रूप से पूरी तरह फिट हूं, लेकिन खाना न खा पाने से मैं मेंटली रूप से काफी प्रभावित होती हूं. जब लोग मेरे सामने खाना खाते हैं, तो मेरा भी मन करता है कि मैं खाऊं, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकती. मैंने एक बार फल खाने की कोशिश की थी, लेकिन मैं बीमार पड़ गई थी. समर अपने 26 साल के पार्टनर डीन मैकनाइट के साथ रहती हैं. वे लोग अगर बाहर खाने पर भी जाते हैं, तो ऐसे रेस्टोरेंट में जाते हैं, जहां पर खाने की कम वैरायटी हों. 

रिस्ट्रिक्टेड फ़ूड इन्टेक डिसऑर्डर क्या है (What is Restrictive Food Intake Disorder)

रिस्ट्रिक्टेड फूड इन्टेक डिसऑर्डर ऐसा ईटिंग डिसऑर्डर होता है, जिसमें इंसान कुछ तरह के खाना खाने से बचता है या फिर उसका सेवन नहीं कर सकता. यह डिसऑर्डर सेंसेविटी, टेस्ट, टेम्प्रेचर, फूड की बनावट, स्मेल आदि से होता है. अगर कोई व्यक्ति उन कुछ तरह के फूड्स को खाने की कोशिश करता है, तो उसे उल्टी, शरीर में दर्द, पेट दर्द आदि हो सकता है. 

कुछ मामलों में इस डिसऑर्डर के कारण भूख का अहसास नहीं होता या फिर वे खाने को मजे के साथ नहीं खा सकते. इस स्थिति वाले लोगों का वजन कम हो सकता है, वजन बढ़ सकता है और खराब खाने के कारण उनमें विटामिन-मिनरल की कमी हो सकती है. अगर किसी को इस डिसऑर्डर का अनुभव होता है, तो उसे डॉक्टर से बात करनी चाहिए. 

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