टीचर- (खाली जगह भरो) नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली______चली
चिंटू- नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली धीरे-धीरे चली
टीचर मुझसे मजाक कर रहे हो...अभी बताती हूं
चिंटू- मैडम वो तो मैंने आपका दिल रखने के लिए कह दिया...वरना नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली तो क्या उसका बाप भी एक इंच नहीं चल सकता.
खूबसूरत महिला के मुंह में थर्मामीटर रख देहाती डॉक्टर बोला- कुछ देर तक यूं ही रखें.
पत्नी को खामोश देखकर पति से रहा नहीं गया तो बोला- डॉक्टर साहब यह चीज कितने की आती है?
मम्मी-क्या बात है बेटा आज बड़ा खुश है?
बेटा- बस पूछो मत मां
मम्मी बता....कमबख्त क्या गुल खिला रहा है
बेटा आपकी होने वाली बहू 12th में पास हो गई है.
फिर क्या था....दे लात और दे चप्पल पड़ी!
अंग्रेज - What is This?
हलवाई - जी दही
अंग्रेज - What is Dahi?
हलवाई - Milk sleeps at night and morning becomes tight...
गर्लफ्रेंड उदास होकर बैठी थी
बॉयफ्रेंड- तबीयत ठीक नहीं है क्या ?
जाओ डॉक्टर को दिखा लो
गर्लफ्रेंड- दिखाया था यार डॉक्टर को
बॉयफ्रेंड-क्या बताया उसने ?
गर्लफ्रेंड- बोल रहा था...खून में शॉपिंग की कमी है
बोला है थोड़ा मॉल घूमकर आओ
बॉयफ्रेंड बेहोश.
गर्लफ्रेंड :– हम कहां जा रहे हैं ?
बॉयफ्रेंड :– लॉन्ग ड्राइव पे बेबी
गर्लफ्रेंड :– वाह,पहले क्यों नहीं बताया ?
बॉयफ्रेंड :– मुझे खुद अभी पता चला है.
गर्लफ्रेंड :– कैसे?
बॉयफ्रेंड :– कार के ब्रेक नहीं लग रहे हैं.
गर्लफ्रेंड हुई बेहोश.
गर्लफ्रेंड: मैं तुम्हारे प्यार में लुट गई, बदनाम हो गई, बर्बाद हो गई
कहीं की न बची हाय दैया
बॉयफ्रेंड :- तो पगली मैं कौन सा तेरे प्यार में कलेक्टर बन गया हूं.
मैं भी तो पकौड़ी बेच रहा हूं.
एक बार एक पति को उसकी पत्नी ने पूछा
अगर मैं 2-4 दिन नहीं दिखूं, तो आपको कैसा लगेगा?
पति मन ही मन बहुत खुश हुआ और बोला- मुझे बहुत अच्छा लगेगा
फिर पत्नी सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार को नहीं दिखी
शुक्रवार को जब आंखों की सूजन कम हुई, तब जाकर थोड़ी-थोड़ी दिखी...
पुलिस अफसर- घर में मालिक के होते हुए तुमने चोरी कैसे की?
चोर- साहब आपकी नौकरी भी अच्छी है और सैलरी भी,
फिर आप चोरी सीखकर क्या करोगे?
गर्लफ्रेंड ने मुझसे पूछा- चाहोगे मुझे कब तक?
मैंने भी कह दिया- मेरी पत्नी को पता ना चले तब तक.....
(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)