पारस पत्थर की कहानियां सुनी सभी ने हो लेकिन उसे देखा आज तक किसी ने नहीं है. लेकिन सीहोर के किले में खजाने की खोज करने वालों का दावा है कि यह पत्थर आखिरी बार यहीं पर देखा गया था.