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रामजन्मभूमि-विवाद: 70 साल पुराने केस की 40 दिन चली ‘सुप्रीम’ सुनवाई, अब फैसले की घड़ी आई!

aajtak.in | 16 अक्टूबर 2019, 4:02 PM IST

सुप्रीम कोर्ट में ऐतिहासिक रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई पूरी हो गई है. बुधवार को इस सुनवाई का 40वां दिन और अंतिम दिन था. हिंदू पक्ष की ओर से निर्मोही अखाड़ा, हिंदू महासभा, रामजन्मभूमि न्यास की ओर से दलीलें रखी गईं तो वहीं मुस्लिम पक्ष की तरफ से राजीव धवन ने अपनी दलीलें रखीं. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. 1949 में पहली बार ये मामला अदालत में गया था, लेकिन 6 अगस्त को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई शुरू हुई जो अब खत्म हुई है.

4:02 PM (2 वर्ष पहले)

Posted by :- Mohit Grover
सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद की सुनवाई खत्म हो गई है. सबसे आखिर में मुस्लिम पक्ष की ओर से दलीलें रखी गईं. अब सुप्रीम कोर्ट ने लिखित हलफनामा, मोल्डिंग ऑफ रिलीफ को लिखित में जमा करने के लिए तीन दिन का समय दिया है.
3:56 PM (2 वर्ष पहले)

Posted by :- Mohit Grover
जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि नक्शे से लगता है कि रामचबूतरा अंदर था. इसपर राजीव धवन ने कहा कि दोनों ओर कब्रिस्तान है. राजीव धवन ने कहा कि चबूतरा भी मस्जिद का हिस्सा है, सिर्फ इमारत ही नहीं बल्कि पूरी जगह ही मस्जिद का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि वो मस्जिद थी, हमारी थी और हमें पुनर्निर्माण का अधिकार है, इमारत भले ही ढहा दी गई लेकिन मालिकाना हक हमारा ही है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने मुस्लिम पक्ष को ASI का नक्शा समझाने के लिए कहा.
3:42 PM (2 वर्ष पहले)

Posted by :- Mohit Grover
राजीव धवन ने कहा कि अगर हिंदू पक्ष 1885 से टाइटल साबित करने में सक्षम हैं, तो मैं इसके जवाब में दो शताब्दियों से अधिक पहले से इस जगह का मालिक हूं.
3:22 PM (2 वर्ष पहले)

Posted by :- Mohit Grover
राजीव धवन ने हिन्दू पक्षकारों की दलीलों का जवाब देते हुए कहा कि यात्रियों की किताबों के अलावा इनके पास टाइटल यानी मालिकाना हक का कोई सबूत नहीं है. उन्होंने कहा कि इनकी विक्रमादित्य मन्दिर की बात मान भी लें तो भी ये रामजन्मभूमि मन्दिर की दलील से मेल नहीं खाता. उन्होंने कहा कि 1886 में फैज़ाबाद कोर्ट कह चुका था कि वहां हिन्दू मन्दिर का कोई सबूत नहीं मिला, हिंदुओं ने उसे चुनौती भी नहीं दी.राजीव धवन ने इस दौरान भारत के इतिहास के बारे में बताया, उन्होंने कहा कि भारत में आर्यन के वक्त से लोग आते रहे हैं.  कई लोग हजारों साल तक यहां पर रहे थे, भारत एक नहीं था बल्कि कई हिस्सों का जुड़ाव था. उन्होंने कहा कि शिवाजी के वक्त हिंदुस्तान में राष्ट्रवाद बढ़ा. राजीव धवन ने कहा कि हिंदू मंदिर का कोई सबूत ही नहीं है, 1886 में कमिश्नर ने कहा था कि हिंदुओं के पास अधिकार नहीं है.
3:15 PM (2 वर्ष पहले)

हिंदू और मुस्लिम पक्ष के वकीलों में बहस...

Posted by :- Mohit Grover
मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने इस दौरान फैसले के अनुवाद पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि पुनरुद्धार समिति के वकील पीएन मिश्रा ने अनुवाद को जायज ठहराया और एक पैरा पढ़ा, लेकिन हम उन्हें पहले सुन चुके हैं. बाबर के द्वारा मस्जिद के निर्माण के लिए ग्रांट और लगान माफी देने के दस्वावेज़ हैं. इसपर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि ग्रांट से आपके मालिकाना हक की पुष्टि कैसे होती है? राजीव धवन ने कहा कि ज़मींदारी और दीवानी के ज़माने को देखें तो जमीन के मालिक को ही ग्रांट मिलती थी. राजीव धवन ने कहा कि इनकी दलील मूर्खतापूर्ण है क्योंकि इनको भूमि कानून की जानकारी नहीं है. इसपर पीएन मिश्रा ने कहा कि उन्होंने लैंडलॉज पर दो किताबें लिखी हैं और आप कह रहे हैं मुझे कानून नहीं पता. इस पर राजीव धवन ने कहा कि आपकी किताबों को सलाम, उनपर पीएचडी कर लें.
2:58 PM (2 वर्ष पहले)

6 दिसबंर 1992 को हमारी प्रॉपर्टी नष्ट हुई

Posted by :- Mohit Grover
मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि हिंदू पक्षकारों ने कुरान के हवाले से जो दलीलें दी हैं, वो आधारहीन हैं. राजीव धवन ने कहा कि हम अपनी ज़मीन पर कब्जा वापस चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जिन कागजातों की बात हो रही है, उसके चार-चार मतलब हैं. पहला उर्दू, फिर हिंदी जो जिलानी की तरफ से हुआ, फिर एक हिंदी जो हाईकोर्ट जस्टिस अग्रवाल की ओर से किया गया. उन्होंने कहा कि 2017 में चौथा ट्रांसलेशन हुआ.हिंदू पक्ष के बारे में राजीव धवन ने कहा कि आप नवंबर तक क्या कर रहे थे? हमने कोर्ट के कहने पर ट्रांसलेशन किया था और कोर्ट में जमा किया था. इसपर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि इसपर आपत्ति ये है कि उस ट्रांसलेशन में कुछ ऐसे शब्द हैं, जो असली वर्ज़न में है ही नहीं. राजीव धवन ने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है, बाबर को ही बाबरशाह की कहा जाता था. मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा कि 6 दिसंबर, 1992 को जो नष्ट हुआ, वो हमारी प्रॉपर्टी थी. वक्फ संपत्ति का मतवल्ली ही रखरखाव का जिम्मेदार होता है, उसे बोर्ड नियुक्त करता है. राजीव धवन ने कहा कि अयोध्या को अवध या औध लिखा गया है, जिसकी जांच सरकार के द्वारा की गई थी. इस पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर हम आपके आधार को देखें तो ये ऑनरशिप के कागजात नहीं दर्शाता है.
2:52 PM (2 वर्ष पहले)

नक्शा फाड़ने की बात वायरल हो गई...

Posted by :- Mohit Grover
मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि ये वायरल हो गया है कि मैंने कोर्ट में नक्शा फाड़ा, लेकिन मैंने ये कोर्ट के आदेश पर किया. मैंने कहा था कि मैं इसे फेंकना चाहता हूं तब चीफ जस्टिस ने कहा कि तुम इसे फाड़ सकते हो. इसपर चीफ जस्टिस ने कहा कि हमने कहा था कि अगर आप फाड़ना चाहें तो फाड़ दें.
2:51 PM (2 वर्ष पहले)

मुस्लिम पक्ष की दलीलें शुरू...

Posted by :- Mohit Grover
दोपहर ढाई बजे मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन की बहस शुरू हुई, उन्हें बोलने के लिए डेढ़ घंटे का वक्त मिला है. राजीव धवन ने कहा कि धर्मदास ने केवल ये साबित किया कि वो पुजारी है न कि गुरू, इसके अलावा  हिन्दू महासभा की तरफ से सरदार रविरंजन सिंह, दूसरी विकाश सिंह, तीसरा सतीजा और चौथा हरि शंकर जैन के सबूत दिए गए हैं.
राजीव धवन ने कहा कि इसका मतलब है महासभा 4 हिस्सों में बंट गया है, क्या दूसरी महासभा इसको सपोर्ट करता है? इसके अलावा उन्होंने रंजीत कुमार को जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी ना बनने का सवाल किया, लेकिन क्या हम किसी को पार्टी बनाएंगे?

2:51 PM (2 वर्ष पहले)

पीएन मिश्रा ने रखी ये दलीलें...

Posted by :- Mohit Grover
पीएन मिश्रा ने सुनवाई में ट्रैफन थेलर और निकोलो मनुची जैसे 16वीं सदी में आए विदेशी यात्रियों के वृतांत का ज़िक्र किया. जिसमें मन्दिर का तो ज़िक्र है पर मस्जिद का नहीं है, ब्रिटिश गजेटियर में भी राममन्दिर का ही ज़िक्र है. इस दौरान जस्टिस बोबड़े ने क्रोनोलॉजी बताने को कहा, तो जस्टिस चंद्रचूड़ ने लिमिटेशन का सवाल उठाया. पीएन मिश्रा ने कहा कि 1934 में हमारे पूजा के अधिकार पर पहला हमला हुआ.

2:27 PM (2 वर्ष पहले)

सुब्रमण्यम स्वामी को सुनने से इनकार

Posted by :- Bharat Singh
संच के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को सुनने से भी इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि हमने ये कल ही कह दिया था कि किसी और को नही सुनेंगे. हरि शंकर जैन ने कहा कि वह लिखित जवाब दाखिल करेंगे. कोर्ट ने कहा कि स्वामी ने पूजा के अधिकार वाली अपील इससे अलग है.
2:26 PM (2 वर्ष पहले)

केवल तीन दलीलों को सुनेगी अदालत

Posted by :- Bharat Singh
लंच के बाद फिर से मामले की सुनवाई करने बैठी बेंच ने साफ किया कि केवल पीएन मिश्रा को सुना जाएगा. फिर मुस्लिम पक्ष और फिर मोल्डिंग इफी रिलीफ़ पर. हिन्दू महासभा की ओर से हरिशंकर जैन बहस कर रहे हैं. CJI ने कहा कि हम हरिशंकर जैन, पीएन मिश्रा और राजीव धवन को ही सुनेंगे.
2:26 PM (2 वर्ष पहले)

बुद्धिस्ट सभा की दलील सुनने से इनकार

Posted by :- Bharat Singh
लंच के बाद सुप्रीम कोर्ट में बुद्धिस्ट सभा की ओर से वकील रणजीत थॉमस ने दलील देने की कोशिश की. कोर्ट ने सुनने से इनकार किया और कहा कि हमने आपको डीटैग कर दिया है. यानी जिन्होंने इस मामले में सिविल अपील दाखिल नहीं की है उनको किसी भी सूरत में नहीं सुना जाएगा.
1:17 PM (2 वर्ष पहले)

निर्मोही अखाड़ा की बहस पूरी, अदालत में हुआ लंच...

Posted by :- Mohit Grover
निर्मोही अखाड़ा की तरफ से सुशील जैन ने कहा कि हमारा दावा मंदिर की भूमि, स्थाई संपत्ति पर मालिकाना अधिकार को अधिकार है. मुस्लिम पक्षकारों के इस दावे में भी दम नहीं है कि 22/23 दिसंबर 1949 की रात बैरागी साधु जबरन इमारत में घुसकर देवता को रख गए थे. उन्होंने कहा कि ये मुमकिन ही नहीं कि मुसलमानों के रहते इतनी आसानी से वो घुस गए जबकि 23 दिसंबर को शुक्रवार था. इसी के साथ निर्मोही अखाड़ा की दलील पूरी हुई.
अब शिया वक्फ बोर्ड की ओर से दलील शुरू हुई. शिया बोर्ड की ओर से कहा गया कि हमारा विवाद शिया बनाम सुन्नी बोर्ड को लेकर है, इस पर सुन्नियों का दावा नहीं बनता है. शिया वक्फ बोर्ड की ओर से एमसी धींगड़ा ने कहा कि वहां पर शिया मस्जिद थी, 1966 में आए फैसले से हमें बेदखल किया गया था. 1946 में दो जजमेंट आए थे एक हमारे पक्ष में और दूसरा सुन्नी के पक्ष में, 20 साल बाद 1966 में कोर्ट ने हमारा दावा खारिज कर दिया.
इसी के साथ अदालत लंच के लिए उठ गई है. लंच के बाद 45 मिनट पीएन मिश्रा को और उसके बाद डेढ़ घंटा मुस्लिम पक्षकारों को दिया जाएगा.

12:55 PM (2 वर्ष पहले)

निर्मोही अखाड़ा ने रामजन्मभूमि न्यास का विरोध किया..

Posted by :- Mohit Grover
निर्मोही अखाड़ा की ओर से सुशील जैन ने कहा कि उन्होंने 1961 का एक नक्शा दिखाया, जो गलत था. उन्होंने बिना किसी सबूत के सूट फाइल कर दिया. वहां की इमारत हमेशा से ही मंदिर थी. ऐसा कोई सबूत नहीं है कि मस्जिद बाबर ने बनाई थी.
निर्मोही अखाड़ा ने रामजन्मभूमि न्यास की दलील का विरोध किया और कहा कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा कि बाबर ने मंदिर गिराया और मस्जिद बनाई. हमने हमेशा कहा है कि वो मंदिर ही था. हमने कभी मुस्लिमों को जमीन का हक ही नहीं दिया.
इसपर जस्टिस अशोक भूषण ने कहा कि जो सूट दायर किया गया है वह टाइटल का है, इसमें एक्सेस की कोई बात नहीं है.

12:39 PM (2 वर्ष पहले)

Posted by :- Mohit Grover
सुप्रीम कोर्ट में हिंदू महासभा के वकील विकास ने कहा कि अदालत में डॉक्यूमेंट के आधार पर कब्जे की बात कही गई. जिस जमीन पर बहस हुई वहां पर जन्मस्थान है. उन्होंने इस दौरान अन्य मंदिरों का भी हवाला दिया.  इसी के साथ हिंदू महासभा की बहस खत्म हुई.
अब निर्मोही अखाड़ा की तरफ से सुशील जैन अपनी दलील रख रहे हैं. चीफ जस्टिस ने कहा कि हमारा समय मत खराब करिए और आगे की बहस शुरू करें. निर्मोही अखाड़ा ने कहा कि मुस्लिम पक्ष अपना दावा स्थापित करने में फेल रहा है, साबित उन्हें करना है हमें नहीं.
12:26 PM (2 वर्ष पहले)

वकीलों की तीखी बहस पर खफा हुए CJI...

Posted by :- Mohit Grover
वकीलों की तीखी बहस के बीच चीफ जस्टिस खफा हुए. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमारी तरफ से दोनों ओर से बहस पूरी हो चुकी है. हम सिर्फ इस इसलिए सुन रहे हैं कि कोई कुछ कहना चाहता है तो कह दे. हम अभी उठ कर जा भी सकते हैं.
12:07 PM (2 वर्ष पहले)

सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई हिंदू महासभा की आखिरी दलील...

Posted by :- Mohit Grover
सुप्रीम कोर्ट में ऑल इंडिया हिन्दू महासभा की ओर से विकास सिंह ने एडिशनल डॉक्यूमेंट के तौर पर पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल की किताब बेंच को दी गई. इस पर मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने ज़ोरदार आपत्ति जताई. राजीव धवन ने कहा कि इसे ऑन रिकॉर्ड ना लिया जाए, ये बिल्कुल नई चीज है. कोर्ट इसे वापस कर दें, इसपर अदालत की ओर से कहा गया कि ये किताब वो बाद में पढ़ेंगे. इसी के साथ किताब वापस दे दी गई है.हिंदू महासभा की ओर से विकास सिंह ने अब बहस शुरू कर दी है. जब विकास सिंह ने किताब दी तो चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि क्या वह इसे रख सकके हैं? मैं इसे बाद में पढ़ूंगा. राजीव धवन के विरोध पर हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह ने कहा कि कोर्ट ने किसी नए कागजातों को लाने पर मनाही की है. लेकिन कोई पार्टी किसी तरह का सबूत या किताब दे सकती है.
12:02 PM (2 वर्ष पहले)

Posted by :- Mohit Grover
निर्वाणी अखाड़ा की ओर से कहा गया है कि रामलला जन्मस्थान की सेवा का अधिकार उनका है. इसपर जस्टिस भूषण ने कहा कि लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्मोही अखाड़ा को सेवायायी माना है. इसपर जयदीप गुप्ता ने कहा कि वो दावा गलत है. इसी के साथ जयदीप गुप्ता की दलील खत्म हो गई.