पाकिस्तान की जेल में हमले के बाद मारे गए सरबजीत सिंह को पहले शहीद का दर्जा मिला और अब उनका स्मारक भी बनाया जाएगा. स्मारक को अमृतसर के रास्ते उनके गांव भिखिविंड ले जाया गया है. इसी गांव में ये स्मारक लगाया जाना है.
सरबजीत पिछले 23 वर्षों से पाकिस्तान की जेल में बंद थे. उन पर बीते 26 अप्रैल को कोट लखपत जेल में 6 कैदियों ने हमला किया था और उन्हें कई जगह चोटें लगी थीं. 6 दिनों तक लाहौर के जिन्ना अस्पताल में कोमा में रहने के बाद सरबजीत सिंह की मौत हो गई थी. इसी महीने 3 मई को राजकीय सम्मान के साथ सरबजीत का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भिखिविंड में किया गया था.
22 साल से जेल में बंद थे सरबजीत
सरबजीत को साल 1990 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुए कई बम विस्फोटों में कथित रूप से उनकी संलिप्तता के लिए दोषी ठहराया गया था. इस हमले में 14 लोग मारे गए थे. सरबजीत ने पाकिस्तानी जेलों में तकरीबन 22 साल बिताए.