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'जहां मैं खुश नहीं, वहां कोई समझौता...', इस्तीफे के बाद TMC सांसद मिमी चक्रवर्ती का पहला बयान

अपना इस्तीफा ममता बनर्जी को सौंपने वालीं टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती ने कहा है कि जहां वह खुश नहीं हैं, वहां पर कोई समझौता नहीं कर सकतीं. बता दें कि एक दिन पहले ही उन्होंने यह कहकर इस्तीफा दे दिया था कि वे टीएमसी के स्थानीय नेतृत्व से खुश नहीं हैं.

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Mimi Chakraborty (File Photo)
Mimi Chakraborty (File Photo)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस्तीफा सौंपने वाली TMC सांसद मिमी चक्रवर्ती का इस्तीफे के बाद पहला बयान आया है. उन्होंने कहा है कि वह अपनी मानसिक शांति के साथ कोई समझौता नहीं कर सकतीं. उन्होंने कहा कि वह खुद के साथ वहां कोई समझौता नहीं करेंगी, जहां वह खुश नहीं हैं. दरअसल, एक दिन पहले (15 फरवरी) को ही मिमी चक्रवर्ती ने अपना इस्तीफा लोकसभा अध्यक्ष की जगह ममता बनर्जी को सौंपा है. इसलिए तकनीकी तौर पर उन्होंने सिर्फ अपने फैसले का ऐलान किया है. इसे औपचारिक इस्तीफा नहीं माना जा सकता है. उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में जादवपुर सीट से जीत हासिल की थी.

मिमी के इस्तीफे पर बीजेपी की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है. बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने कहा है कि ममता बनर्जी की पार्टी में कोई नहीं रह सकता है. वह अपने सांसदों को लोभ और बहकावा देकर पार्टी में बनी हुई हैं. लॉकेट चटर्जी ने आगे कहा कि एक महिला सांसद तो कभी उनकी पार्टी में नहीं रह सकती, क्योंकि एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद वह महिलाओं की आवाज कभी नहीं सुनती हैं.

TMC नेता ने मिमी पर लगाए थे ये आरोप

पश्चिम बंगाल सरकार में राज्य मंत्री श्रीकांत महतो ने TMC की सांसद मिर्मी चक्रवर्ती समेत अन्य बड़े नेताओं पर पैसे लूटने का दावा किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि मिमी चक्रवर्ती, जून मालिया, सयानी घोष, सयंतिका बनर्जी, नुसरत जहां जैसे नेता पैसे लूट रहे हैं. उन्होंने कहा था कि अगर ये नेता पैसे लूटकर पार्टी के लिए संपत्ति बन जाते हैं, तो हम मंत्री नहीं रहना चाहते हैं. लोग कह रहे हैं कि इस कैबिनेट के सभी मंत्री चोर हैं. पार्टी उन चोरों की ही सुनेगी. हमें नए रास्ते तलाशने होंगे. हमें इसके खिलाफ एक आंदोलन खड़ा करना होगा.

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मिमी ने CM को सौंपा था इस्तीफा

गुरुवार को मिमी ने टीएमसी के स्थानीय नेतृत्व से नाखुश होने की बात कहते हुए ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था. मिमी बंगाली इंडस्ट्री में मशहूर नाम हैं. उनका का जन्म 11 फरवरी 1989 में पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में हुआ था. मिमी चक्रवर्ती ने 2012 में फिल्म चैंपियन से करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने बंगाली इंडस्ट्री में 25 से ज्यादा सफल फिल्मों में काम किया. मिमी की लोकप्रियता को देखते हुए 2019 में उन्हें टीएमसी ने उम्मीदवार बनाया था.

बीजेपी ने उठाया शाहजहां शेखा मामला

BJP सांसद लॉकेट चटर्जी ने शाहजहां शेख के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उसके जैसे टीएमसी नेताओं को फांसी होना चाहिए, क्योंकि इन लोगों ने जिस तरह से संदेशखाली में महिलाओं के ऊपर पशु की तरह अत्याचार किया है, उसकी कोई माफी नहीं हो सकती. इस मामले की एनआईए जांच हो और शेख शाहजहां जैसे टीएमसी नेताओं के लिए मृत्युदंड से कम कोई भी सजा ना हो.
 

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