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भारत

पालघर उपचुनाव: BJP-शिवसेना के लिए बड़ी चिंता बनी ये छोटी पार्टी

पालघर उपचुनाव: BJP-शिवसेना के लिए बड़ी चिंता बनी ये छोटी पार्टी
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पालघर लोकसभा सीट पर कुछ ही देर में नतीजे आ जाएंगे. यहां उपचुनाव के लिए हुए मतदान के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं वो बीजेपी और शिवसेना के लिए जरूर चिंता बढ़ाने वाले हैं.
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यदि पालघर लोकसभा मतदान के विधानसभा क्षेत्रवार आकंड़ों पर नजर डाली जाए तो यहां के छह विधानसभा क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मतदान विक्रमगढ़ में हुआ. यहां 62.64 प्रतिशत मतदान हुआ है. शिवसेना ने यहां सबसे ज्यादा चुनाव प्रचार पर बल दिया था.  

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वहीं, बीजेपी की बात की जाए तो पार्टी ने नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक फोकस किया, लेकिन यहां सबसे कम मतदान हुआ. चुनाव आयोग के मुताबिक, इस इलाके में केवल 34.83 प्रतिशत मतदान हुआ.
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जबकि जिस दूसरे सबसे बड़े विधनासभा क्षेत्र में मतदान हुआ वो है पालघर विधानसभा क्षेत्र. यहां मतदान का प्रतिशत 55.75 प्रतिशत रहा है. इस जगह भी शिवसेना ने प्रचार पर जोर दिया.
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वहीं, बीजेपी ने दूसरे क्षेत्रों की तुलना में सबसे ज्यादा जोर वसई विधानसभा क्षेत्र में लगाया था. यहां मतदान 48.40 प्रतिशत रहा. जबकि दो अन्य विधानसभा क्षेत्र जहां बीजेपी और शिवसेना का प्रचार बराबर रहा वो सीटें हैं डहाणू और बोइसर. यहां मतदान क्रमश: 58.98 प्रतिशत और 55.75 प्रतिशत रहा.
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राजनीतिक जानकारों की माने तो बीजेपी और शिवसेना के लिए पालघर में सबसे बड़ी चुनौती बहुजन विकास आघाडी है. इस पार्टी से बलिराम जाधव चुनाव लड़ रहे हैं.
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बता दें कि बहुजन विकास पार्टी के पास पालघर लोकसभा की 3 विधानसभा हैं. इस पार्टी के उम्मीदवार बलिराम जाधव साल 2009 में इस सीट पर कब्जा जमा चुके हैं. साल 2014 की मोदी लहर में भले हार गए थे लेकिन 70 हजार वोट बढ़ा गया था. इस बार तो शिवसेना- बीजेपी अलग हैं. ऐसे में दोनों पार्टियों के लिए यह छोटी पार्टी बड़ी चुनौती है.
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यही नहीं, बहुजन विकास आघाडी के नेता हितेंद्र ठाकुर मतदान से पहले ही दावा कर चुके हैं कि यदि इस क्षेत्र में अगर 45-48 प्रतिशत मतदान हुआ, तो वे यहां से बीजेपी को लीड नहीं लेने देंगे. बीजेपी की कोशिश यह थी कि इन दो विधानसभा क्षेत्रों से इतनी लीड ले ली जाए कि जिससे विक्रमगड और पालघर में कम वोट भी मिलें, तो वोटों के अंतर को पाट दिया जाए.
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अब जबकि विक्रमगड और पालघर में उम्मीद से ज्यादा और नालासापोरा और वसई में उम्मीद से कम मतदान हुआ है, तो बीजेपी की चिंता बढ़ सकती है.
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जानकार तो यह तक कह रहे हैं कि ताजा आंकड़े शिवसेना के उम्मीदवार श्रीनिवास वनगा और बहुजन विकास आघाडी के उम्मीदवार बलिराम जाधव के बीच ही मुकाबला दिखा रहे हैं. हालांकि, कल अंतिम परिणाम आने तक इंतजार करना ही होगा.
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