इंडिया टुडे 2013 से लगातार सेक्स सर्वे कर रहा है. हाल में किए गए इंडिया टुडे सेक्स सर्वे 2017 से हम आपके लिए कुछ दिलचस्प जानकारी लाए हैं. आइए नजर डालते हैं एक-एक कर...
मस्ती सूत्र- लगातार किए गए सर्वे से ये बात स्पष्ट हुई है कि लोगों में यौन सुख पाने के कायदे बदल रहे हैं. मुख मैथुन अपने चरम पर पहुंच गया है. 2003 में पूछे गए सवाल- 'अगर साथी मुख मैथुन की मांग करता है तो आप क्या करेंगे?' पर सिर्फ 29% लोगों ने सहमति देने की बात कही थी. लेकिन 2017 में यौन गतिविधियों की फेहरिस्त में मुख मैथुन सबसे आगे है. 61% जोड़े इसे आजमा रहे हैं.
जी-स्पॉट- सच या हकीकत, महिलाएं अपने चरम सुख बिंदु को लेकर बहुत सजग हैं और इनकी संख्या काफी कम नहीं है. 2003 में सिर्फ 42% महिलाएं जानती थी कि उनका चरमसुख बिंदु कहां पर है. 2017 में 65% को लगता है कि वे अपना जी-स्पॉट जानती हैं.
फंतासियों की बात करें तो 11 फीसदी ने किसी को नग्न होने का ख्वाब देखा, 9 फीसदी ने कार में सेक्स और 7 फीसदी ने अजनबी के साथ सेक्स करने का ख्वाब बुना.
आधुनिक प्यार का फॉर्मूला- तीन सर्वाधिक लोकप्रिय पोजिशंस कुछ इस तरह सामने आए. ऊपर पुरुष- 64%, खड़े होकर-47%, महिला ऊपर- 24% (2003-2017 के औसत के आधार पर)
सबसे कम इस्तेमाल होने वाली तीन पोजीशन कुछ यूं रहे. बैठकर-3%, स्त्री के पीछे पुरुष-5%, डॉगी स्टाइल- 12%
कितने समय तक रति क्रीड़ा में लीन रहते हैं? इसका जवाब कुछ ऐसे आया- 48% भारतीय 45 मिनट गुजारते हैं. 29% भारतीय 20 मिनट का समय गुजारते हैं. 16% भारतीय 15 मिनट का समय गुजारते हैं. 7% भारतीय एक मिनट से भी कम समय गुजारते हैं.
प्यार का चेहरा- 2004 में 43% महिलाओं ने पुरुषों के सीने को आकर्षक पाया. 2017 में इसका जिक्र तक नहीं किया. 2004 में 43% पुरुषों ने महिलाओं के वक्षों को आकर्षक बताया जबकि 2017 में यह 21% है.
सेक्स की तलाश-सेक्स को लेकर भारतीय रोमांच की चाहत में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. यह चाहत इस प्रकार है- मुख मैथुन 61%, गुदा मैथुन 36%, फोन सेक्स 22%, शॉवर सेक्स 21%, इंटरनेट सेक्स 10%, उभयलिंगी सेक्स 6%, ग्रुप सेक्स 2%, टॉयज का इस्तेमाल 2%.
क्या गायब हो रहा है- चुंबन अपनी चमक खो रहा है. 2007 में 68% इसे सबसे उत्तेजक फोरप्ले मानते थे. लेकिन 2017 में मात्र 32% प्यार की बातों और आलिंगन में यकीन करते हैं.