पश्चिम बंगाल में पूर्वी रेलवे लगभग छह महीने के बाद सामान्य टाइमटेबल के अनुसार आम जनता के लिए सबर्बन ईएमयू और अन्य लोकल ट्रेन सेवाओं को शुरू करेगा. भारतीय रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को ये जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि यहां सियालदह डिवीजन में 920 से अधिक और हावड़ा डिवीजन में 480 से अधिक सेवाओं को अप एंड डाउन चलाया जाएगा. पश्चिम बंगाल सरकार ने कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के अपने नए आदेश में, 50 प्रतिशत सीटिंग के साथ इंट्रा-स्टेट लोकल ट्रेन की आवाजाही की अनुमति दी है.
पूर्वी और दक्षिण पूर्वी रेलवे अपने-अपने जोन में स्टाफ स्पेशल ट्रेनें चला रहे हैं. कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान प्रसार को रोकने के लिए बंगाल सरकार द्वारा सबर्बन ईएमयू और अन्य लोकल ट्रेन सेवाओं को 7 मई से निलंबित कर दिया गया था.
ट्रेन में 50 प्रतिशत रहेगी सीटिंग
पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता एकलव्य चक्रवर्ती ने कहा, "हम पश्चिम बंगाल सरकार की सलाह के अनुसार 50 प्रतिशत सीटिंग के साथ सबर्बन ईएमयू सेवाओं सहित इंट्रा-स्टेट पैसेंजर ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं.'' उन्होंने कहा- लोकल ट्रेनों की संख्या उतनी ही होगी जितनी मार्च 2020 में कोविड-19 की शुरुआत से पहले थी. चक्रवर्ती ने बताया कि वायरल को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के डिब्बों, कोच के अंदरूनी और स्टेशन परिसर की सफाई की जा रही है.
डेली बेसिस पर सबर्बन ईएमयू पर निर्भर हैं लोग
चक्रवर्ती ने पहले पीटीआई को बताया था कि कोलकाता मुख्यालय वाली जोनल रेलवे 1 नवंबर से रेगुलर टाइम टेबल के अनुसार लोकल ट्रेन सेवाएं चलाने के लिए तैयार है. राज्य सरकार द्वारा 31 अक्टूबर से लोकल ट्रेन की आवाजाही पर प्रतिबंधों में ढील के साथ पूर्वी रेलवे रविवार को अपने हॉलिडे शिड्यूल के अनुसार सेवाएं दे रहा है. राज्य सरकार के निर्देशानुसार 50 प्रतिशत सीटिंग सुनिश्चित करने के संबंध में, उन्होंने कहा कि इसके लिए पूर्वी रेलवे आरपीएफ कर्मियों को तैनात करेगा और चाहेगा कि राज्य प्रशासन भी यात्रियों की संख्या पर प्रतिबंध को बनाए रखने में मदद करे. बता दें कि पूर्वी रेलवे अपने हावड़ा और सियालदह डिवीजनों में स्थानीय और उपनगरीय यात्रियों को ले जाती है. लाखों यात्री डेली बेसिस पर इन ट्रेन सेवाओं पर निर्भर होते हैं.