तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में एक प्राइवेट होटल के सीवर टैंक की सफाई करने उतरे तीन मैला ढोने वाले लोगों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई. ये तीनों लोग करीब 30 फीट गहरे टैंक में फंस गए थे. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और दमकलकर्मियों ने टैंक से 15 फीट गहराई तक गंदा पानी निकाला, उसके बाद पता चला की तीनों की मौत हो चुकी है.
कांचीपुरम जिले के श्रीपेरुम्बदूर के पास एक प्राइवेट होटल में हाथ से मैला ढोने में शामिल तीन लोगों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई. चेन्नई-बेंगलुरु नेशनल हाइवे पर स्थित इस होटल के सीवर टैंक की सफाई करने के लिए रंगनाथ (51), नवीन कुमार (30) और थिरुमलाई (18) उतरे थे. जहरीली गैस की वजह से उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई, जिससे उनकी मौत हो गई.
30 फीट गहरे टैंक में फंस गए थे
होटल के 30 फीट गहरे सीवर टैंक में फंसे तीन लोगों की सूचना मिलते हुए पुलिस और दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे. उन्होंने टंकी से करीब 15 फीट गहराई तक गंदे पानी को बाहर निकाला. उसके बाद पता चला कि तीनों की मौत हो चुकी है. उसके बाद दमकल विभाग ने तीनों लोगों का शव बाहर निकाला और उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है. इसके साथ ही श्रीपेरंबदूर पुलिस ने निजी होटल के मालिक सत्यमूर्ति, प्रबंधक सुरेश कुमार और ठेकेदार रजनी के खिलाफ मामला दर्ज लिया और अब आगे की जांच कर रही है.
तमिलनाडु में मैनुअल स्कैवेंजिंग पर प्रतिबंध
तमिलनाडु राज्य में मैनुअल स्कैवेंजिंग पर प्रतिबंध है. मैनुअल स्कैवेंजिंग के रूप में रोजगार का निषेध और उनके पुनर्वास नियम 2022 के तहत सुरक्षात्मक गियर और उपकरणों के साथ ही स्थानीय प्राधिकरण द्वारा इसकी अनुमति दी जा सकती है. इस नियम में यह भी कहा गया है कि यदि हाथ से मैला ढोने का काम किया जाता है तो सीवर या सेप्टिक टैंक को साफ करने के लिए कार्यकर्ता को 44 सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए. इनमें एयर कंप्रेसर, एयरलाइन ब्रीदिंग उपकरण, मैन्युअल रूप से संचालित एयर ब्लोअर के साथ एयरलाइन रेस्पिरेटर, ब्रीद मास्क, ब्रीदिंग उपकरण, क्लोरीन मास्क, फुल बॉडी वेडर सूट और सर्चलाइट शामिल हैं.