पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना द्वारा लिए गए एक्शन के बाद बौखलाए और गीदड़भभकी कर रही पाकिस्तानी सेना की अक्ल 86 घंटे में ठिकाने आ गई है. पाकिस्तान ने जो भारतीय सीमा पर सैन्य हमले शुरू किए थे, उसे तीन ही दिन में समझ आ गया है कि भारत रुकने वाला नहीं है और भारत के हर एक्शन से पाकिस्तान को बड़ा घाटा हुआ है. अब भारत के ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के 86 घंटे के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका के जरिए भारत के सामने सीज़फायर की अपील की और अब दोनों देश युद्ध विराम के लिए राज़ी हो गए हैं, ये युद्ध विराम 10 मई शाम 5 बजे से लागू हुआ है.
'हम शांति चाहते हैं, ये तो दुनिया ने देखा… अब दुनिया ये भी देखेगी कि हम शांति की रक्षा के लिए अपनी शक्ति का प्रदर्शन भी कर सकते हैं.' भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण की ये पंक्तियां आजकल सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हैं, क्यूंकि पाकिस्तान की ज़मीन पर पल रहे आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना ने जो 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया है, वो इसी संवाद का आइना नज़र आता है. भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के गुनहगारों को सबक सिखाने के लिए इस ऑपरेशन की शुरुआत की थी, लेकिन पाकिस्तान ने अपना असल रूप दिखाते हुए आतंकियों के बचाव में सैन्य एक्शन शुरू कर दिया.
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यही कारण है कि अब इसने भारत-पाकिस्तान के बीच एक सैन्य संघर्ष का रूप ले लिया. इसके साथ ही आज यानी 10 मई को ऑपरेशन सिंदूर को जब 86 घंटे हुए, तब पाकिस्तान की अपील पर और अमेरिका के बीच-बचाव करने पर दोनों देशों में युद्ध विराम हो गया है. पिछले 86 घंटे में क्या-क्या हुआ और किस तरह पाकिस्तान घुटनों पर आ गया, यहां हर दिन और हर पल की विस्तृत जानकारी जानिए.
क्या है ऑपरेशन सिंदूर और ये क्यूं शुरू हुआ?
ऑपरेशन सिंदूर यूं तो 6 और 7 मई की दरम्यानी रात को शुरू हुआ था, जो अभी तक जारी है. लेकिन इसकी नींव पिछले महीने 22 अप्रैल, 2025 को रखी गई थी, जब पाकिस्तान से आए आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आम नागरिकों (जिसमें अधिकतर टूरिस्ट थे) को निशाना बनाया, इस आतंकी हमले में कुल 26 लोगों की मौत हुई थी जो भारत के अलग-अलग राज्यों से आए थे. 26/11 2008 मुंबई हमले के बाद ये भारत में हुआ ऐसा सबसे बड़ा आतंकी हमला था, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में आम नागरिकों की जान गई थी.
पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की ही एक इकाई द रेजिडेंट फ्रंट ने इस आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी ली थी. ये आतंकी हमला ऐसे वक्त पर हुआ था, जब पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर ने एक कार्यक्रम में हिन्दुओं के खिलाफ एक भड़काऊ बयान दिया था, जिसे एक तरह का उकसावे वाला बयान बताया गया और उस बयान के 48 घंटे के भीतर ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, जहां पर आतंकियों ने पर्यटकों से उनका धर्म पूछ-पूछकर गोली मारी और अधिकतर हिन्दू सैलानियों को ही निशाना बनाया.
2016 का उरी हमला हो, या फिर 2019 का पुलवामा हमला, भारत में पहलगाम हमले के बाद पिछली बार की तरह ही आतंकियों और पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेने का दबाव था. और इस बार गुस्सा भी था, क्यूंकि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसे एक्शन के बाद भी पाकिस्तान और पाकिस्तान में बैठे आतंकी बाज़ नहीं आए और लगातार हिन्दुस्तान की सरज़मी आतंक फैलाने का काम कर रहे थे. 22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने अलग-अलग मोर्चों पर पाकिस्तान को घेरना शुरू किया, जिसमें कूटनीतिक तौर पर दुनियाभर में पाकिस्तान की सच्चाई बताई गई, इसके अलावा भारत ने ऐतिहासिक सिंधु जल समझौते को स्थगित किया, द्विपक्षीय संबंध, व्यापार को रोका और भी तमाम एक्शन लिए.
इसके बाद आतंकी हमले के करीब 15 दिन के बाद यानी 6 मई को भारत ने सैन्य एक्शन लिया और फिर शुरुआत हुई ऑपरेशन सिंदूर की. चूंकि पहलगाम के आतंकी हमले में कई नवविवाहित महिलाओं का सिंदूर मिटा था, ऐसे में भारत सरकार ने सांकेतिक तौर पर उनके सम्मान में इस ऑपरेशन का नाम 'ऑपरेशन सिंदूर' रखा. अब यहां से समझने की कोशिश करते हैं, ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत से लेकर अभी तक भारत सरकार, भारतीय सेना द्वारा इस मामले में क्या जानकारी दी गई है.

6 मई 2025 (रात एक बजकर 5 मिनट से एक्शन शुरू)
- रात के 1.28 AM बजे भारतीय सेना के ट्विटर अकाउंट से एक पोस्ट किया गया. जिसका कैप्शन था, 'प्रहाराय सन्निहिताः, जयाय प्रशिक्षिताः Ready to Strike, Trained to Win.', इसके कुछ देर बाद ही 1.51 AM पर एक और ट्वीट किया गया, जहां बताया गया पहलगाम आतंकवादी हमले में न्याय कर दिया गया है. और साथ ही 'ऑपरेशन सिंदूर' की आधिकारिक जानकारी दी गई.
"प्रहाराय सन्निहिताः, जयाय प्रशिक्षिताः"
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) May 6, 2025
Ready to Strike, Trained to Win.#IndianArmy pic.twitter.com/M9CA9dv1Xx
- ट्विटर से इतर रक्षा मंत्रालय की तरफ से एक बयान जारी किया गया, जिसमें लिखा था कि अब से कुछ देर पहले भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था, जिसका लक्ष्य पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था, जहां से भारत में होने वाली आतंकी हमलों की प्लानिंग की गई थी. भारतीय सेना ने अपनी इस स्ट्राइक में कुल 9 ठिकानों को निशाना बनाया. हमारा निशाना बिल्कुल सधा हुआ, गैर-उकसावी था. क्यूंकि किसी भी आम नागरिक, पाकिस्तानी सेना के ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया है, बल्कि सिर्फ आतंकी ठिकानों के खिलाफ एक्शन लिया गया है.
- ऑपरेशन सिंदूर की खबर जैसे ही सामने आई, देर रात को ही रिएक्शन सामने आने लगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर गृह मंत्री अमित शाह समेत पक्ष-विपक्ष के तमाम नेताओं ने भारतीय सेना और जवानों की तारीफ की.
- इसी दिन देश में 7 मई को करीब 250 से ज्यादा शहरों में मॉकड्रिल का ऐलान किया गया, साथ ही 7 मई को ही सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात कही गई.
7 मई 2025
- देर रात को ऑपरेशन करने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय और भारतीय सेना की ओर से संयुक्त साझा प्रेसवार्ता की गई. इसमें विदेश सचिव विक्रम मिसरी, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह मीडिया के सामने आए और उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर भारत सरकार का आधिकारिक पक्ष रखा.
#PahalgamTerrorAttack
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) May 6, 2025
Justice is Served.
Jai Hind! pic.twitter.com/Aruatj6OfA
- कर्नल सोफिया कुरैशी द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई कि सेना ने 6-7 मई की देर रात को 1 बजकर 5 मिनट से लेकर 1 बजकर 30 मिनट तक ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया. इसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कुल 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था.
- भारतीय सेना ने इस स्ट्राइक में जिन 9 अड्डों को निशाना बनाया, उनमें सवाई नाला कैंप (मुज़फ़्फ़राबाद), सैयदाना बिलाल कैंप (मुज़फ़्फ़राबाद), गुलपुर कैंप (कोटली), बरनाला कैंप (बिंबर्ग), अब्बास कैंप (कोटली), सरजाल कैंप (सियालकोट), महमूना जाया कैंप (सियालकोट), मरकज़ तैय्यबा (मुरिदके), मरकज़ सुब्हानअल्लाह (बहावलपुर) शामिल रहे.
- जिन आतंकी अड्डों को निशाना बनाया गया, वो जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा समेत अन्य बड़े आतंकी संगठनों के अड्डे थे. जिनका भारत में हुए किसी ना किसी आतंकी हमले से संबंध रहा था, खास बात ये रही कि इस बार भारत ने ना सिर्फ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर बल्कि मेनलैंड पाकिस्तान (पंजाब) में घुसकर वार किया था. साथ ही मुरिदके आतंकी हाफिज़ सईद और बहावलपुर आतंकी मसूद अज़हर का गढ़ माना जाता है, ऐसे में ये कोई छोटे-मोटे अटैक नहीं थे.
- बुधवार शाम को ही देश में 4 बजे के बाद से अलग-अलग जगह मॉक ड्रिल की गई. इस दौरान मुख्य फोकस बॉर्डर से सटे इलाकों में रखा गया. जगह-जगह सायरन बजाए गए, ताकि लोगों को मालूम चल सके कि अगर कोई संकट की घड़ी आए तो किस तरह रिस्पॉन्स करना है.
8 मई 2025
- भारत की पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पाकिस्तान में अलग-अलग दावे किए जा रहे थे, जिसमें पाकिस्तानी मीडिया का दावा था कि उन्होंने भारतीय सेना के पांच राफेल विमानों को गिरा दिया है. हालांकि, पाकिस्तान का हर दावा झूठा था जिसे बाद में भारतीय सेना ने साबित भी किया था.
- ऑपरेशन सिंदूर पर अपनी दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय और भारतीय सेना ने कुछ अहम खुलासे किए. कर्नल सोफिया कुरैशी ने जानकारी दी कि 7-8 मई 2025 की रात को पाकिस्तान ने उत्तरी और पश्चिमी भारत में स्थित कई सैन्य ठिकानों, जैसे कि अवंतिपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नाल, फलोदी, उत्तरालाई, और भुज पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला करने का प्रयास किया. इन हमलों को इंटीग्रेटेड काउंटर UAS ग्रिड और वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा निष्क्रिय कर दिया गया. इन हमलों का मलबा कई स्थानों से बरामद हुआ जो कि पाकिस्तानी हमलों का प्रमाण है.
- भारत सरकार के बयान से ये साफ हुआ कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी सेना ने भारत को उकसाने के लिए इस तरह के ड्रोन हमले किए, भारत की ओर से एस-400, आकाश समेत अन्य डिफेंस सिस्टम को चालू किया गया और पाकिस्तान द्वारा भेजे जा रहे ड्रोन और मिसाइल के हमलों को रोका गया.
9 मई 2025
- भारत ने जिस ऑपरेशन को आतंकी ठिकानों के खिलाफ शुरू किया था, पाकिस्तान ने उसे सैन्य टकराव बनाने की कोशिश की. यही कारण रहा कि एलओसी पर लगातार शेलिंग, बॉर्डर इलाकों पर लगातार आम नागरिकों को निशाना बनाने में लगा रहा.
- बीती रात की तरह 8-9 मई की रात भी पाकिस्तान की ओर से भारत के बॉर्डर इलाके पर लगातार हमले किए गए और इस बार ड्रोन के साथ-साथ मिसाइल दागने की कोशिश भी की गई. सेना द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 8 से 9 मई 2025 की मध्य रात्रि को पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाने के इरादे से पूरी पश्चिमी सेना पर भारतीय वायु क्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया. पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर लेह से लेकर सर क्रीक तक 36 स्थानों पर 300 से 400 लगभग ड्रोन का इस्तेमाल घुसपैठ का प्रयास करने के लिए किया गया.
- कर्नल सोफिया कुरैशी के मुताबिक, भारतीय सशस्त्र बलों ने काइनेटिक व नॉन-काइनेटिक साधनों का उपयोग करके इनमें से कई ड्रोन को मार गिराया. पाकिस्तान जिन ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा था, वो तुर्की के असीसगार्ड सोंगर ड्रोन हैं. पाकिस्तान के एक सशस्त्र यूएवी ने बठिंडा सैन्य स्टेशन को भी निशाना बनाने की कोशिश भी की, जिसे पकड़ा गया और उसे निष्क्रिय कर दिया गया.
- पाकिस्तान द्वारा लगातार किए जा रहे हमले के बीच भारत ने भी इस बार कड़ा जवाब दिया और पाकिस्तान में 4 हवाई रक्षा स्थलों पर सशस्त्र ड्रोन लॉन्च किए गए. इनमें से एक ड्रोन ए.डी. रडार को नष्ट करने में सक्षम रहा. भारत द्वारा ये भी आरोप लगाया गया कि पाकिस्तान जब ड्रोन अटैक कर रहा है, उस वक्त अपने एयरस्पेस में नागरिक विमानों का संचालन कर रहा है ताकि भारत की ओर से कोई जवाबी कार्रवाई ना की जा सके. भारत ने बार-बार अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह किसी भी आम नागरिक को निशाना नहीं बनाना चाहता है.
Starting shortly.
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) May 9, 2025
Tune in for Special Briefing on Operation Sindoor:https://t.co/rNLWM11DiX
10 मई 2025
- पाकिस्तान पिछले तीन दिन से जो हरकत कर रहा था, वो इस दिन भी जारी रखी. एक तरफ दुनिया के सामने उसने दावा किया कि वह कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है और सिर्फ जवाबी हमला कर रहा है, जबकि दूसरी तरफ हर शाम को उसने ड्रोन अटैक करने की कोशिश की.
- 10 मई यानी शनिवार को विदेश मंत्रालय और भारतीय सेना की ब्रीफिंग शाम की बजाय सुबह हुई, पहले ये खबर थी कि ब्रीफिंग सुबह 5.30 बजे बुलाई गई, जिसे बाद में 10 बजे के लिए टाला गया. ऐसा इसलिए क्यूंकि पाकिस्तान ने 9-10 मई की दरम्यानी रात एक बार फिर से ड्रोन अटैक किया था, जिसका भारत ने बेहद कड़ा जवाब दिया.
- कर्नल सोफिया कुरैशी के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने UCAV ड्रोन, लॉन्ग रेज वेपन, लॉयिटरिंग म्यूनिशंस और लड़ाकू विमानों का उपयोग कर भारतीय सैन्य ढांचे को निशाना बनाया. नियंत्रण रेखा पर भी ड्रोन घुसपैठ और भारी कैलिबर हथियारों से गोलाबारी की, साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर श्रीनगर से नलिया तक 26 से अधिक स्थानों पर हवाई घुसपैठ के प्रयास किए गए.
- पाकिस्तान ने सिर्फ इस बार ड्रोन नहीं बल्कि मिसाइल दागने की कोशिश की. सेना के मुताबिक, हाईस्पीड मिसाइल सुबह 1 बजकर 40 मिनट पर इस्तेमाल करके पंजाब के एयरबेस स्टेशन को दागने की कोशिश की. एक तरफ पाकिस्तान ड्रोन, मिसाइल से हमले करता रहा, दूसरी तरफ एलओसी पर बार-बार शेलिंग की जा रही थी और स्थानीय नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा था.
- भारत ने इस बार पाकिस्तान की हिमाकत का जवाब उसके एयरबेस को निशाना बनाकर किया. भारत ने देर रात को एक साथ पाकिस्तान के रफ़ीकी, मुरिद, चकलाला, रहमियारखान, सुक्कुर, और चुनिआन एयरबेस पर फाइटर जेट से अटैक किया. भारत ने एक बार फिर सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और नागरिकों को निशाना नहीं बनाया.
और हो गया युद्ध विराम का ऐलान
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शाम 6 बजे ऐलान किया कि भारत और पाकिस्तान सीज़फायर को राज़ी हो गए हैं. पाकिस्तान के DGMO ने दोपहर 3.35 बजे भारत के DGMO से बात की, दोनों देश शाम 5 बजे से सीज़फायर लागू करने के लिए राज़ी हो गए और अब 12 मई को दोनों के बीच बातचीत की जाएगी.
इस बयान के आने से पहले पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने भी पाकिस्तान की ओर से सीज़फायर करने की बात का ऐलान किया. वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, विदेश मंत्री मार्क रुबियो ने ट्विटर पर ऐलान किया कि लंबी बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान सीज़फायर के लिए राज़ी हो गए हैं, दोनों देश किसी तटस्थ स्थान पर बड़े मसलों पर बातचीत करने के लिए भी राज़ी हुए हैं.
Over the past 48 hours, @VP Vance and I have engaged with senior Indian and Pakistani officials, including Prime Ministers Narendra Modi and Shehbaz Sharif, External Affairs Minister Subrahmanyam Jaishankar, Chief of Army Staff Asim Munir, and National Security Advisors Ajit…
— Secretary Marco Rubio (@SecRubio) May 10, 2025
भारत-पाकिस्तान तनाव पर दुनिया का क्या रुख?
एक तरफ भारत और पाकिस्तान के बीच सीमाओं पर तनाव चल रहा है, दूसरी तरफ एक लड़ाई कूटनीतिक तौर पर भी चल रही है. और सैन्य लड़ाई की तरह ही कूटनीतिक लड़ाई में भी भारत का ही पलड़ा भारी है. भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही दुनियाभर के कई बड़े नेताओं, अहम देशों ने भारत के आतंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाई का समर्थन किया और आतंक की लड़ाई में साथ निभाने की बात कही.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत के एक्शन के बाद से ही संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय यूनियन, अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत तमाम बड़े देशों, बड़े समूह और संगठनों के अध्यक्ष, विदेश मंत्री, विदेश सचिव से बात की और भारत के पक्ष को सामने रखा. विदेश मंत्री ने हर जगह यही कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ एक्शन ले रहा है, अगर पाकिस्तान कोई सैन्य कार्रवाई करता है तो उसका जवाब दिया जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ये बयान दिया था कि भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष होना शर्मनाक है और खुद को इस लड़ाई से बाहर रखने की बात कही थी, लेकिन जब सैन्य संघर्ष बढ़ा तब अमेरिकी सरकार का प्रशासन लगातार दोनों पक्षों से बात कर रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान और भारत के विदेश मंत्रियों से बात की है और हालात को सामान्य करने की अपील की है, हालांकि भारत ने यहां भी अपनी स्थिति साफ कर दी है. इसके अलावा सऊदी अरब के विदेश मंत्री द्वारा दोनों देशों से संपर्क साधा गया है और सैन्य संघर्ष को खत्म करने की अपील की गई है. हालांकि, बाद में अमेरिका ने ही बीच-बचाव करके दोनों देशों के बीच सीज़फायर भी करवाया.
अगर वैश्विक रुख को देखेंगे तो पाकिस्तान पूरी तरह से अलग-थलग पड़ा है, सिर्फ तुर्की और अजरबैजान को छोड़ दें तो कोई भी ऐसा देश नहीं है, जो पाकिस्तान के साथ खड़ा दिखाई दिया हो. पाकिस्तान को अमेरिका और चीन से उम्मीद थी, लेकिन अमेरिका ने पूरी तरह पल्ला झाड़ा तो चीन को भी दुनिया के दबाव में आकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के एक्शन का समर्थन करना पड़ा. हालांकि, इस सबके बीच पाकिस्तान को आईएमएफ से अतिरिक्त लोन ज़रूर मिल गया है.
आम नागरिकों को निशाना बना रहा है पाकिस्तान
पाकिस्तान द्वारा लगातार एलओसी पर किए जा रही शेलिंग की वजह से भारत के कई आम नागरिकों, उनके घरों को नुकसान भी पहुंचा है. पहले भारत की ओर से आधिकारिक जानकारी दी गई थी कि शेलिंग में अभी तक 16 लोगों की जान चली गई है, जबकि 50 के करीब लोग घायल हैं. इसके बाद 10 मई को राजौरी के जिला विकास अधिकारी राज कुमार थापा की भी जान चली गई है, जो अपने घर पर मौजूद थे और घर पर मोर्टार हिट किया गया है. इनके अलावा पाकिस्तान की ओर से सिर्फ जम्मू-कश्मीर नहीं बल्कि पंजाब, राजस्थान, गुजरात के भी आम नागरिकों, घरों को निशाना बनाने की कोशिश की गई और इस दौरान कुछ लोग घायल भी हुए हैं.