
लेह में भारत के लिए शहीद हुए तिब्बतियन कमांडो नीमा तेंजिन को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. इस मौके पर लेह में नीमा तेंजिन की भव्य अंतिम यात्रा निकाली गई. शहीद नीमा तेंजिन को आखिरी विदाई देने के लिए लेह सड़कों पर उमड़ आया. इस दौरान विकास रेजिमेंट जिंदाबाद के नारों से आसमान गूंज उठा.
नीमा तेंजिन भारत की सुपर सीक्रेट विकास रेजिमेंट के कमांडो थे. विकास रेजिमेंट 'स्पेशल फ्रंटियर फोर्स' का हिस्सा है. ये भारत के उन वीर योद्धाओं की सीक्रेट टुकड़ी है जिसने 29-30 अगस्त की रात को लद्दाख के पैंगोंग लेक के दक्षिणी किनारे पर चीनी सेना की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था. इसी ऑपरेशन के दौरान एक लैंड माइंस की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई थी.
विकास रेजिमेंट के इन जवानों की अदम्य शौर्य बदौलत न सिर्फ चीन की साजिश फेल हो गई बल्कि इसी ऑपरेशन में भारत ने एक ऐसी स्ट्रेटिजिक हाइट को अपने अधिकार में ले लिया जिसपर चीनी सेना की नज़र थी.
People raise 'Bharat Mata ki Jai' chants at the funeral of Special Frontier Force Commando Nyima Tenzin in Devachan, Leh today. He had lost his life in an anti-personnel mine blast near the Line of Actual Control in the last week of August
— ANI (@ANI)
भारत ने इस शहीद जवान को पूरे सम्मान के साथ विदाई दी. इस मौके पर तिब्बत और भारत के झंड़े नजर आए. कमांडो नीमा तेंजिन की अंतिम विदाई में शामिल लोगों ने विकास रेजिमेंट जिंदाबाद के नारे लगाए. इसके साथ ही यहां तिब्बत की आजादी की नारे भी गूंजे. इस दौरान कमांडो नीमा तेंजिन श्रद्धांजलि देने वालों में बीजेपी नेता राम माधव भी शामिल थे.
भारत ने तिब्बती कमांडो के बलिदान को मान्यता देने के लिए पब्लिक कार्यक्रम आयोजित कर चीन के संदेश दे दिया है कि भारत तिब्बतियों के बलिदान को गर्व और पराक्रम के साथ स्वीकार करेगा.

लेह के एक स्थानीय पत्रकार ने कहा कि ये पहली बार है जब तिब्बत के एक नागरिक के बलिदान को पूरे भारत ने जाना है. हमारे लिए ये जरूरी है कि हम एक साथ आएं, और उनके योगदान को याद करें. पत्रकार दावा डोलमा ने कहा कि ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम सभी को बताएं कि सेना में शामिल होने के लिए उनपर कोई दबाव नहीं है, ऐसा वे अपनी इच्छा से कर रहे हैं.
इस दौरान लेह में तिब्बती नागरिकों ने तिब्बती राष्ट्रवाद के गीत गाए. इस दौरान वहां मौजूद एक पोस्टर में लिखा था कि नीमा तेंजिन तिब्बत के प्रति प्रेम को लेकर जिंदा और भारत के प्रेम को लेकर इस दुनिया को छोड़ गया.