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कोचिंग सेंटर्स पर सरकारी गाइडलाइंस देर से आईं लेकिन क्या दुरुस्त आईं?

प्रधानमंत्री मोदी आज कर्नाटक में थे, यहां जनता दल सेक्युलर से बीजेपी की बातचीत सीटों को लेकर बातचीत आखिरी दौर में है, तो क्या अब ये रिश्ता पक्का माना जाए, महंगी-महंगी फीस लेनेवाले कोचिंग संस्थानों पर लगाम की मांग पुरानी है तो अब नियम आ गए हैं, रेड सी में चल रहे संकट से व्यापारिक जहाज़ों को नुकसान कई हैं लेकिन एक और मुश्किल उनके लिए बढ़ी भी हैं, सुनिए 'दिन भर' में नितिन ठाकुर से. नोट- इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं. 

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दो पड़ोसी राज्य हैं महाराष्ट्र और कर्नाटक. और आज ये दोनों राज्य प्रधानमंत्री के दौरे की वजह से खबरों में रहे. पहले पीएम महाराष्ट्र के सोलापुर पहुंचे थे जहां उन्होंने कई योजनाओं का उद्घाटन- शिलान्यास किया. इस दौरान वो भाषण देते हुए भावुक भी हो गए. 


बीजेपी का क्या है कर्नाटक प्लान?


इसके बाद प्रधानमंत्री पहुंचे कर्नाटक के बैंगलोर. यहां पीएम ने BIETC बोइंग इंडिया इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सेंटर कैंपस का उद्घाटन किया. मोदी इस दौरे पर तब पहुंचे हैं जब एक दिन पहले ही जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी गृह मंत्री अमित शाह से बीजेपी और जेडीएस के गठबंधन को लेकर मिले थे. कहा जा रहा है कि ये बातचीत अब सीट बंटवारे तक पहुंच चुकी है. 2006 के बाद से ये दूसरी बार है जब बीजेपी और जेडीएस साथ आए हैं. इससे पहले जेडीएस और कांग्रेस मिल कर गठबंधन सरकार चला चुके हैं. 2019 में कुमारस्वामी की सरकार बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा के ऑपरेशन लोटस की शिकार हुई और बीजेपी और जेडीएस की दोस्ती में दरार आई.  
अब 4 साल बाद फिर कुमारस्वामी सारे गिले शिकवे भुला कर फिर से बीजेपी के साथ गठबंधन के लिए तैयार हो गए हैं, कांग्रेस की लोकसभा के लिहाज से क्या तैयारी है. सुनिए ‘दिन भर’ की पहली ख़बर में.

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कोचिंग सेंटर्स की दुकान बंद होगी?

अगर आपके आसपास ग्यारहवीं-बारहवीं में पढ़ने वाले बच्चे रहते हैं या आप खुद स्टूडेंट हैं, तो आपने JEE, NEET, CLAT जैसी परीक्षाओं का नाम ज़रूर सुना होगा, और इन परीक्षाओं के गलाकाट कम्पटीशन के बारे में भी जानते होंगे. यही कारण है कि देश में एंट्रेंस एग्जाम्स की तैयारी करने वाली कोचिंग संस्थाओं की भरमार है. 100 परसेंट सफलता की गारंटी जैसे भ्रामक दावे और उनकी फीस को लेकर मनमानी की खबरें अक्सर सुनाई देती हैं. कई बार कोचिंग संस्थान पूरी फीस लेकर सिलेबस नहीं पूरा करवाते, ऐसे ही कई झंझटों और प्रेशर के कारण छात्रों के आत्महत्या जैसे मामलों को कम करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने कोचिंग संस्थानों के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं. जिनके तहत अब 16 साल से कम के स्टूडेंट्स किसी कोचिंग संस्थान में दाखिला नहीं ले सकेंगे. कोचिंग वाले अब अच्छे नंबर की गारंटी जैसे भ्रामक दावे भी नहीं कर सकेंगे. इसमें और भी कई निर्देश हैं जिनको न मानने पर कोचिंग संस्थान पर एक लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा और संस्थान की मान्यता भी रद्द की जा सकती है. इन गाइडलाइंस में और क्या है, इस गाइंडलाइंस से कौन से स्टूडेंस सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे. सुनिए ‘दिन भर’ की दूसरी ख़बर में.

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इंश्योरेंस कम्पनियां क्यों जहाज़ डुबाने में लगी हैं?

लाल सागर एशिया-यूरोप का सबसे तेज जल मार्ग है. लेकिन पिछले कुछ वक्त से इस रूट पर जहाज अगवा होने और हमला होने की घटनाओं में इजाफा हुआ है. इसका असर कई देश की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है. इसकी वजह से जहाज लाल सागर जाना नहीं चाह रहे. इन हमलों के कारण, जहाज रास्ता बदलकर केप ऑफ गुड होप रूट से आवाजाही कर रहे हैं. जहाज़ कंपनियों का ख़र्चा बढ़ता जा रहा है. जो जहाज़ फिर भी लाल सागर का रास्ता चुन रहे हैं, उन्हें हूती विद्रोहियों के अलावा अब इंश्योरेंस कंपनियों के साथ भी जूझना पड़ रहा है, इंश्योरेंस मुहैया कराने वाली कंपनियों ने हमलों की वजह से जहाज़ों को इंश्योरेंस देने से मना कर दिया है और जो बीमा दे भी रही हैं, उन्होंने प्रीमियम के रेट्स बढ़ा दिए हैं. मतलब जहाज़ कंपनियों के लिए कहीं से भी राहत की बात नहीं हैं, इससे लाल सागर का इकॉनमिक क्राइसिस कितना बड़ा हो गया है इश्योरेंस कंपनियों ने तो हाथ खींच लिए, सरकारें अपनी ओर से भी हूती विद्रोहियों की समस्या से निपटने के लिए कोशिशें कर रही हैं, लेकिन क्या इस प्रॉब्लम के लिए कुछ उनकी ओर से किया जा रहा है? भारत को कमर्शियल दृष्टी से कितना नुकसान उठाना पड़ सकता है? सुनिए 'दिन भर' की आखिरी ख़बर में.

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