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Indian Railways: रवाना हुई आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन, 14 दिन की यात्रा में खाने-रहने और घूमने की सुविधा

रेलवे ने धार्मिक स्थलों का दर्शन कराने के लिए आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन को रवाना किया है. इस ट्रेन को समस्तीपुर रेलमंडल के रक्सौल स्टेशन से रवाना किया गया. यात्रियों को दर्शन कराने के बाद आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन 10 फरवरी को वापस चलकर 13 फरवरी को लौट आएगी. यह पूरी यात्रा 13 रात और 14 दिनों की होगी.

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Indian Railways Astha Circuit Special Train
Indian Railways Astha Circuit Special Train

कोरोना महामारी के कारण ट्रेनों के पहियों पर लगे ब्रेक से अब धीरे-धीरे राहत मिलती दिख रही है. सैकड़ों ट्रेनें पटरी पर दौड़ रही हैं. इस बीच रेलवे ने धार्मिक स्थलों का दर्शन कराने के लिए आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन को रवाना किया है. इस ट्रेन को समस्तीपुर रेलमंडल के रक्सौल स्टेशन से रवाना किया गया. श्रद्धालुओं के ट्रेन में चढ़ने के लिए कालीन बिछाई गई.

साथ ही सभी यात्रियों को कोविड-19 को लेकर मास्क, सेनेटाइजर, फेस शील्ड और ग्लव्स के पैकेट भी दिए गए. इस आस्था सर्किट ट्रेन में यात्रियों के लिए हर कोच में भजन सुनने की भी व्यवस्था की गई है. श्रद्धालुओं ने रेलवे को सस्ती दर पर ट्रेन चलाने के लिए आभार व्यक्त किया.

समस्तीपुर मंडल से 650 श्रद्धालुओं का जत्था इस आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन से तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए रवाना हुआ. रक्सौल से खुली यह ट्रेन सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुज़फ्फरपुर, पटना, मोकामा, किउल, आसनसोल के रास्ते 2 फरवरी को तिरुपति पहुंचेगी.

डीआरएम अशोक माहेश्वरी ने बताया कि समस्तीपुर मंडल ने पहली बार कोविड के बाद यह ट्रेन चलाई है. इस ट्रेन से तीर्थयात्री काफी कम खर्च में विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर सकते हैं. यह टूर पैकेज 13 रात 14 दिन का है. डीआरएम ने कहा कि लोगों के डिमांड को देखते हुए 12 मार्च को एक और ट्रेन चल रही है जिसकी बुकिंग शुरू कर दी गई है. उसमें भी 250 सीट बुक हो चुकी हैं.

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तीर्थ स्थलों का दर्शन करेंगे श्रद्धालु
रेलवे की यह आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन 14 दिन के अंदर यात्रियों को दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों का दर्शन कराएगी. इसमे सबसे पहले श्रद्धालुओं को तिरुपति में बालाजी मंदिर का दर्शन कराया जाएगा. इसी तरह मदुरई में मीनाक्षी मंदिर, रामेश्वरम में रामनाथस्वामी मंदिर, कन्याकुमारी में कन्याकुमारी मंदिर और विवेकानंद रॉक, वही त्रिवेंद्रम में पदमाननस्वामी मंदिर और अंत मे पुरी के जगरनाथ मंदिर का दर्शन कराया जाएगा. 

13 रात और 14 दिनों की यात्रा
यात्रियों को दर्शन कराने के बाद आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन 10 फरवरी को वापस चलकर 13 फरवरी को लौट आएगी. यह पूरी यात्रा 13 रात और 14 दिनों की होगी. इस ट्रेन में कोविड19 को लेकर एक आइसोलेशन कोच लगाया गया है. इसके साथ ही आपात स्थिति के लिए एक डॉक्टर की भी तैनाती की गई है. एक तरह से देखें तो पूरे सुरक्षा कवच के साथ इस यात्रा को कराया जा रहा है.

खाना-पानी का इंतजाम
आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन में श्रद्धालुओं को स्लीपर क्लास के कोच से यात्रा कराया जा रहा है. वहीं इस ट्रेन से यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए शाकाहारी भोजन, पानी की बोतल के साथ घूमने के लिए बस, रहने के लिए धर्मशाला की व्यवस्था, प्रत्येक कोच में सिक्यूरिटी गार्ड एवं टूर एस्कॉर्ट उपलब्ध हैं. कुल मिलाकर आईआरसीटीसी (रेलवे) कम खर्च पर बिहार के लोगों को दक्षिण भारत के तीर्थ स्थलों का दर्शन करा रही है.

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