कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पास एक सिविक वॉलंटियर को गिरफ्तार किया गया है. इस वॉलंटियर ने शनिवार तड़के 3.45 बजे अपनी बाइक से एक डिवाइडर को टक्कर मार दी. घटना उस समय की है जब रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के छात्र एक प्रशिक्षु डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सिविक वॉलंटियर, जिसका नाम गंगासागर घोष बताया जा रहा है, नशे में था और उसकी बाइक पर कोलकाता पुलिस का स्टीकर लगा हुआ था.
घटना के बाद छात्र प्रदर्शनकारियों ने तुरंत गंगासागर घोष को रोका और उसे ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक अधिकारी तारकेश्वर पुरी के हवाले कर दिया. हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रैफिक सार्जेंट ने बड़ी भीड़ जमा होते देख सिविक वॉलंटियर को मौके से भागने में मदद की. इस घटना के बाद छात्रों ने पुलिस के खिलाफ धरना दिया और सिविक वॉलंटियर और ट्रैफिक पुलिसकर्मी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की. बाद में, छात्रों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर कोलकाता पुलिस ने आरोपी सिविक वॉलंटियर को गिरफ्तार कर लिया. ट्रैफिक सार्जेंट के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है, जबकि सिविक वॉलंटियर को सेवा से हटा दिया गया है.
गौरतलब है कि कोलकाता पुलिस सिविक वॉलंटियरों को यातायात प्रबंधन और त्योहारों व जागरूकता अभियानों के दौरान पुलिस की मदद के लिए नियुक्त करती है.
यह घटना उस समय सामने आई है जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के एक डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं. 31 वर्षीय इस डॉक्टर का शव 9 अगस्त को अस्पताल के सेमिनार हॉल में मिला था.
इस घटना के सिलसिले में कोलकाता पुलिस के एक सिविक वॉलंटियर, संजय रॉय, को अगले ही दिन गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने अपराध स्थल के पास एक ब्लूटूथ डिवाइस पाया था और सीसीटीवी फुटेज में उसे अस्पताल की तीसरी मंजिल पर सेमिनार हॉल के पास देखा गया था, जिसके आधार पर गिरफ्तारी की गई थी.