महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने औरंगाबाद की घटना पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि मजूदरों की मौत से मैं बहुत आहत हूं. मैं मजदूरों को आश्वासन देता हूं कि सरकार उनके साथ है. हम बस और ट्रेन की व्यवस्था कर रहे हैं. उनके रहने और खाने की भी हम व्यवस्था कर रहे हैं. मजदूरों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. वे पैदल अपने राज्यों की लिए नहीं निकलें. उद्धव ठाकरे ने कहा कि 2-3 दिन से मुंबई को लेकर कई तरह की अफवाह चल रही है. मुंबई में सेना लाने की बात अफवाह है. मुंबई में दुकानें बंद होने की बात भी अफवाह है.
बता दें कि शुक्रवार सुबह महाराष्ट्र के औरंगाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. यहां ट्रेन की पटरी पर सोए प्रवासी मजदूरों को एक ट्रेन ने रौंद दिया. औरंगाबाद के जालना रेलवे लाइन के पास ये हादसा हुआ, जिसमें 14 मजदूरों की मौत हो गई. ये हादसा औरंगाबाद-जालना रेलवे लाइन पर शुक्रवार सुबह 6.30 बजे के करीब हुआ है. ये सभी प्रवासी मजदूर अपने घर छत्तीसगढ़ पैदल जा रहे थे.
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'पुलिसवालों को चाहिए आराम'
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि पुलिसवाले थक चुके हैं. वे तनाव में रह रहे हैं. उनमें से कुछ ने अपना जीवन लगा दिया है. वे भी एक इंसान हैं. सीएम ने कहा कि हम उन्हें आराम देना चाहते हैं और हमने अतिरिक्त बलों के लिए केंद्र से अनुरोध किया है. लोगों को यह सोचकर घबराना नहीं चाहिए कि हम सेना बुला रहे हैं.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि कल मैंने पार्टी के सभी नेताओं के साथ बैठक की. मुझे खुशी हुई कि वे सुझाव के साथ आए. औरंगाबाद की घटना के कारण मैं आज थोड़ा परेशान हूं. सीएम ने आगे कहा कि हमने प्रवासी मजदूरों से अपील की है कि उन्हें राज्य छोड़ने की आवश्यकता नहीं है. हमने आवश्यक इंतजाम किए हैं, जैसे कि भोजन और रहना. हम अन्य राज्यों के साथ भी संपर्क में हैं और हमने ट्रेनें भी शुरू की हैं.
'अफवाहों का शिकार न हों'
उद्धव ठाकरे ने कहा कि औरंगाबाद में जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है. मजदूरों ने घर जाने के लिए रेल मार्ग लिया. किसी ने उन्हें भुसावल जाने को कहा और वे आराम करने के लिए पटरियों पर लेट गए और दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. जो कुछ हुआ उसकी वजह से मैं स्तब्ध हूं. महाराष्ट्र के सीएम ने कहा कि पिछले 2 दिनों से एक अफवाह का दौर चल रहा है. सेना को मुंबई में बुलाया जाएगा. यहां सेना की कोई आवश्यकता नहीं है. इस लड़ाई में हम सभी सैनिक हैं. लोग अफवाह का शिकार न हों.
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