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बहाल हुई पुलवामा हमले के बाद बंद हुई श्रीनगर-मुजफ्फराबाद बस सेवा

पाकिस्तान से बदला लेने के लिए देश में जिस अंदाज से कार्रवाई की मांग हो रही है, उस बीच बस सेवा फिर से शुरू हुई है. ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ नरम रुख अख्तियार कर लिया है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (इंडिया टुडे आर्काइव)
प्रतीकात्मक तस्वीर (इंडिया टुडे आर्काइव)

पुलवामा हमले के बाद भले ही भारत की तरफ से पाकिस्तान को सबक सिखाने की बातें देश में हो रही हैं, लेकिन कहीं न कहीं भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ नरम रुख दिखाया है. श्रीनगर और मुजफ्फराबाद के बीच चलने वाली क्रॉस एलओसी बस सेवा सोमवार को एक बार फिर शुरू हो गई है.

हालांकि बहाली के बाद बस में जाने वाले यात्रियों की तादाद सिर्फ 5 थी और आने वाले यात्रियों की तादाद 13 थी. कारवां-ए-अमन बस सेवा पुलवामा आतंकी हमले के बाद पिछले हफ्ते से बंद चल रही थी. यह बस सेवा श्रीनगर और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद के बीच चलती है. भारत और पाकिस्तान के बीच अप्रैल 2005 में यह बस सेवा सीमा के दोनों तरफ रहने वाले पारिवारिक लोगों को मिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी.

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गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के एक काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. पाकिस्तान से बदला लेने के लिए देश में जिस अंदाज से कार्रवाई की मांग हो रही है, उस बीच बस सेवा फिर से शुरू हुई है. जम्मू-कश्मीर और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के बीच व्यापार भी पिछले 2 दिन से चल रहा है. ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ नरम रुख अख्तियार कर लिया है.

पुलवामा आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तानी परस्त आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था. जिसके बाद देश में लगातार पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेने की मांग चल रही है. केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार पूर्वी नदियों के भारत के हिस्से के पानी को पाकिस्तान में नहीं जाने देगी. गडकरी ने रावी, सतलुज, ब्यास नदी के पानी को पाकिस्तान में बहने से रोकने के ऐलान का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच इस संबंध में संधि आपसी समझ और प्रेम पर आधारित थी लेकिन आतंकवाद को समर्थन के साथ ऐसा नहीं हो सकता.

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