जम्मू कश्मीर में फारूक अब्दुल्ला की पार्टी को लगातार दूसरा झटका लगा है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और पूर्व एमएलसी मोहम्मद रफीक शाह बीजेपी में शामिल हो गए हैं. उन्होंने जम्मू बीजेपी दफ्तर में अपने समर्थकों के साथ रविंदर रैना की मौजूदगी में पार्टी का दामन थामा है. रफीक शाह से पहले पूर्व एमएलसी और जम्मू-कश्मीर की बड़ी महिला नेता शहनाज गनई ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को अलविदा कह दिया था.
शनिवार को मोहम्मद रफीक शाह के साथ ही मोहम्मद अयूब पहलवान भी अपने समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए. जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रविंदर रैना और लोकसभा सांसद जुगल किशोर शर्मा के साथ डीडीसी इकबाल मलिक, भाजपा में शामिल होने वाली समिति की सदस्य नेहा महाजन और पहाड़ी सेल के सह-संयोजक डॉ. मीर खुर्शीद ने पार्टी में नए लोगों का स्वागत किया.
बीजेपी में देशभक्ति की गहरी भावना: रैना
इस दौरान रविंदर रैना ने कहा, बीजेपी में लोकतांत्रिक लोकाचार और देशभक्ति की भावना गहरी है. उन्होंने कहा कि भाजपा कैडर हमेशा जमीन पर है, जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद करने में सबसे आगे है और हर व्यक्ति को सशक्त बनाने के मिशन को हासिल करने के लिए, मोदी सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं कि हर विकास योजना हर वर्ग को शामिल करने के लिए सर्व-समावेशी हो.
हाल ही में बीजेपी में शामिल हुईं शहनाज गनई
बता दें कि हाल ही में जम्मू कश्मीर की राजनीति में एक बड़ी महिला चेहरा शहनाज गनई बीजेपी में शामिल हुईं थीं. दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने उन्हें बीजेपी में शामिल कराया. शहनाज गनई पुंछ जिले की मंडी तहसील से ताल्लुक रखती हैं और उन्हें स्थानीय राजनीति में प्रमुख चेहरा माना जाता है.
शहनाज गनई नेशनल कॉन्फ्रेंस की तरफ से विधान परिषद की सदस्य थीं. उन्होंने कहा कि उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का फैसला इसलिए किया क्योंकि पार्टी भारत के नागरिकों से किए गए वादों को पूरा करने के प्रति प्रतिबद्ध है. उन्होंने विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के लिए लंबे समय से पेंडिंग आरक्षण दिए जाने का जिक्र किया.