कश्मीर में सेना और पुलिस से जुड़े लोगों पर लगातार हमलों और आतंकियों की साजिश को वहां के नौजवानों का हौसला विफल कर रहा है. बांदीपोरा में बीएसएफ के जवान रमजान पारे की लश्कर आतंकियों द्वारा हत्या किए जाने के 48 घंटे भी नहीं बीते हैं और शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के 226 युवा सेना की लाइट इन्फैंट्री में शामिल हुए.
JAKLI रेजिमेंटल सेंटर में हुए पास आउट परेड में इन युवाओं को सेना की लाइट इंफैट्री बटालियन में शामिल किया गया. अपने घर से बच्चों को भारतीय सेना में शामिल होने के मौके पर उनके परिवारवाले काफी खुश नजर आए.
बीएसएफ के जवान रमजान पारे की हत्या बुधवार को बांदीपोरा में आतंकियों ने घर में घुस कर कर दी थी. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस हत्या के पीछे लश्कर आतंकियों का हाथ होने का अंदेशा जताया था. कश्मीर के डीजीपी एस पी वैद्य ने कहा कि आतंकियों की साजिश है सरकारी सेवाओं से जुड़े लोगों को हतोत्साहित करना और आतंक के खिलाफ बोलने वाले लोगों की आवाज खामोश करना लेकिन हम इसे सफल नहीं होने देंगे. इस बीच, कश्मीर में सैन्य कमांडर का भी बयान आया है कि घाटी में आतंक की कमर टूट चुकी है और बचे-खुचे आतंकी बुरी तरह बौखलाए हुए हैं. इससे पहले लेफ्टिनेंट उमर फयाज की भी छुट्टी के दौरान आतंकियों ने हत्या कर दी थी.