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बेटे की तेरहवीं पर मां की मौत, यह खबर सुनकर भाई की भी मौत

डॉक्टर का कहना है कि धवल की मौत ज्यादा ट्रांसफेट के कारण हुई है. ज्यादा ट्रांसफेट के सेवन के चलते 18 से 40 साल के युवाओं में हॉर्टअटैक के ज्यादा मामले देखे गए हैं. वहीं, ज्योत्सनाबेन और रमेशभाई पटेल की मौत की वजह ब्रोकन हॉर्ट सिंड्रोम होने की वजह से हुई.

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फाइल फोटो.
फाइल फोटो.

गुजरात के आणंद जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया. यहां एक बेटे की तेरहवीं के दिन मां की हार्टअटैक से मौत हो गई और जब इस बात की जानकारी महिला के मायके वालों को लगी तो भाई की हार्टफेल होने से मौत हो गई.

हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के मुताबिक, सॉफ्टवेयर इंजीनियर धवल पटेल की 28 मार्च को हॉर्टअटैक से मौत हो गई थी. धवल अहमदाबाद की एक कंपनी में काम करता था, जिस दिन उसे अटैक आया वह घर पर ही था.

उसे सुबह से बेचैनी हो रही थी. उसकी मां ज्योत्सनाबेन पटेल ने धवल के सिर में बाम लगाया और वह मां की गोद में ही सो गया. लेकिन जब डॉक्टर आया तो पता लगा कि धवल सोया नहीं बल्कि उसने दम तोड़ दिया .  

इसके बाद धवल पटेल की तेरहवीं हुई. रिश्तेदारों को भोजन करवाने के बाद मां ज्योत्सनाबेन की तबीयत अचानक बिगड़ी और पांच मिनट में उनकी मौत हो गई.

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ज्योत्सनाबेन के मौत की खबर जब उनके मायके वालों को लगी तो छोटे भाई रमेश पटेल को भी रात 11 बजे हार्ट अटैक आ गया और उनकी भी मौत हो गई.

इस बारे में डॉक्टर का कहना है कि धवल की मौत ज्यादा ट्रांसफेट के कारण हुई है. वहीं, ज्योत्सनाबेन और रमेशभाई पटेल की मौत की वजह ब्रोकन हॉर्ट सिंड्रोम होने की वजह से हुई.

इसमें किसी करीबी की मृत्यु की जानकारी मिलने पर सदमा पहुंचता है. जिसके चलते हृदय की तमाम नसें अचानक सिकुड़ जाती हैं. ये कई मामलों में जानलेवा साबित होता है.

वहीं, डॉक्टरों का धवल की मौत को लेकर कहना है कि उसकी मौत ज्यादा ट्रांसफेट के सेवन की वजह से हुई. तला खाना, बेकरी में मिलने वाली खाद्य सामग्री, केक आदि में ट्रांसफेट बहुत होता है. ट्रांसफेट के चलते 18 से 40 साल के युवाओं में हॉर्टअटैक देखा जा रहा है.

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