‘वाइब्रेंट’ गुजरात के कई सरकारी स्कूल आज भी बीमार हैं. इसी हालात को बदलने के लिए अब राज्य के सीएम, मंत्री और आला अफसर अब पाठशालाओं का रुख कर रहे हैं.
सीएम ने ली क्लास
गुजरात सरकार ने आज प्राइमरी स्कूलों के आकलन अभियान ‘गुणोत्सव’ का आगाज किया. अभियान के तहत मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने सुरेंद्रनगर जिले के कालासर गांव के स्कूल का दौरा किया. मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्कूली बच्चों से सवाल पूछे और टीचरों से भी जवाब तलब किये.
क्या है गुणोत्सव अभियान?
इस अभियान की शुरुआत साल 2009 में नरेंद्र मोदी ने की थी. उस वक्त वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे. तीन दिनों के इस अभियान के तहत राज्य सरकार के मंत्री और आला अधिकारी हर साल सरकारी स्कूलों का दौरा करते हैं. अभियान का मकसद राज्य के करीब 34 हजार स्कूलों में शिक्षा के स्तर की जांच करना है. इन स्कूलों क्लास एक से लेकर आठ तक करीब 54 लाख छात्र पढ़ते हैं. सरकारी मदद से चलने वाले प्राइमरी स्कूल भी अभियान के दायरे में आते हैं.
राज्य के शिक्षा मंत्री भूपेंद्र चूडासमा के मुताबिक इस साल के अभियान में मंत्रियों और अधिकारियों समेत करीब 4500 लोग अलग-अलग स्कूलों का दौरा करेंगे. दौरे के बाद स्कूलों को ग्रेड दिये जाएंगे.
चूडासमा की मानें तो पहले गुणोत्सव अभियान में सिर्फ पांच स्कूलों को ही ए प्लस ग्रेड हासिल हुआ था लेकिन अब ऐसे स्कूलों की तादाद 1,960 तक पहुंच चुकी है.