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गुजरात: गांधीनगर में बढ़े टाइफाइड के मामले, केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने प्रशासन को दिए सख्त निर्देश

गुजरात की राजधानी गांधीनगर में टाइफाइड के 113 संदिग्ध मामलों के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रशासन को युद्ध स्तर पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत, इलाज, सर्वे और रोकथाम के लिए स्वास्थ्य इंतजाम तेज किए गए हैं.

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों से बात की. (File Photo: ITG)
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों से बात की. (File Photo: ITG)

गुजरात की राजधानी गांधीनगर में दूषित पानी की वजह से टाइफाइड के मामलों में तेज उछाल देखने को मिला है. सूबे के सिविल हॉस्पिटल में 100 से ज्यादा बच्चों को एडमिट किया गया है. आदिवाड़ा गांव और सेक्टर 24, 26, 27 और 29 में सीवर के गंदे पानी के पीने की लाइन में मिलने से बीमारी फैली, जिससे करीब हर घर में कोई न कोई बीमार है. इस बीच, गुजरात सरकार ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गांधीनगर शहर में टाइफाइड के करीब 100 संदिग्ध मामले सामने आने के बाद प्रशासन को युद्ध स्तर पर काम करने का निर्देश दिया है.

राज्य सरकार ने एक बयान में कहा, "पानी की पाइपलाइन में लीकेज की वजह से कुछ दिन पहले गांधीनगर शहर के सेक्टर 24, 28 और आदिवाड़ा इलाके में पानी से होने वाली बीमारी टाइफाइड के संदिग्ध मामले सामने आए थे. अमित शाह ने पाइपलाइन की तुरंत मरम्मत का आदेश दिया है."

अब तक, सूबे की राजधानी में टाइफाइड के 113 संदिग्ध मामले सामने आए हैं. स्टेटमेंट में कहा गया है, "इनमें से 19 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 94 का इलाज फिलहाल गांधीनगर सिविल अस्पताल के साथ-साथ सेक्टर 24 और 29 के स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा है, और उनकी हालत स्थिर है."

गृह मंत्री ने अधिकारियों से की बात...

रिलीज़ में बताया गया है कि प्रभावित इलाकों में 24 घंटे OPD (आउटपेशेंट डिपार्टमेंट) शुरू कर दिए गए हैं, और सिविल अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज़ों के रिश्तेदारों के लिए खाने का इंतज़ाम किया गया है. इसके अलावा यह भी कहा गया कि गांधीनगर से लोकसभा सांसद शाह मौजूदा हालात के बारे में अपडेट लेने के लिए डिप्टी चीफ मिनिस्टर हर्ष सांघवी, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और म्युनिसिपल कमिश्नर के लगातार संपर्क में हैं.

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इसमें यह भी कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को हालात से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर काम करने का निर्देश दिया है. रिलीज़ में बताया गया है कि रविवार को अमित शाह ने हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ टेलीफोन पर बात की और उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि टाइफाइड से प्रभावित बच्चों और नागरिकों को तुरंत और सही इलाज मिले.

उन्होंने अधिकारियों को गांधीनगर सिविल अस्पताल में प्रभावित मरीजों और उनके रिश्तेदारों को खाना देने का भी निर्देश दिया. रिलीज़ में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्र ने बीमारी को और फैलने से रोकने के लिए प्रभावित और आसपास के इलाकों में लीकेज की तुरंत मरम्मत और पाइपलाइन का गहन निरीक्षण करने का भी आदेश दिया है.

यह भी पढ़ें: इंदौर के बाद अब गांधीनगर में फैला दूषित पानी का कहर, टाइफाइड के बाद 100 से ज्यादा बच्चे एडमिट

20,800 से ज़्यादा घरों का निरीक्षण...

रिलीज में आगे कहा गया है कि टाइफाइड के संदिग्ध मामलों को देखते हुए गांधीनगर शहर में 75 हेल्थ टीमों द्वारा गहन स्वास्थ्य प्रबंधन और सर्वे का काम किया गया है. गांधीनगर नगर निगम की सर्वे टीमों ने अब तक 20,800 से ज़्यादा घरों का निरीक्षण किया है और 90,000 से ज़्यादा लोगों को कवर किया है. एहतियाती उपाय के तौर पर 30,000 क्लोरीन टैबलेट और 20,600 ORS पैकेट बांटे गए हैं.

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सर्वे टीम घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करके जागरूकता वाले पर्चे बांट रही हैं और उनसे पानी उबालने, बाहर का खाना न खाने और अपने हाथ साफ रखने को कह रही हैं. बीमारी को फैलने से रोकने के लिए पानी के 'सुपर क्लोरिनेशन' का प्रोसेस तेज कर दिया गया है, और पीने के पानी में क्लोरिनेशन की मात्रा भी चेक की जा रही है.

इसमें यह भी बताया गया है कि बीमारी से प्रभावित इलाकों में पाइपलाइन में मिली कुछ लीकेज को भी तुरंत ठीक कर दिया गया है.

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