scorecardresearch
 

साबरमती जेल के कैदियों ने तैयार की पेंटिग्स, नवजीवन प्रेस में लगेगी प्रदर्शनी

जब कैदियों की पेंटिग्स को गांधीजी के नवजीवन प्रेस के ट्रस्टी विवेक देसाई ने देखी, तो उन्होंने कहा, 'भले ही लोग जेल के अंदर पेंटिंग देखने नहीं आ सकते, लेकिन पेंटिंग्स तो बाहर आ सकती हैं.'

Advertisement
X
सत्य आर्ट गैलरी में प्रदर्शनी
सत्य आर्ट गैलरी में प्रदर्शनी

साबरमती सेंट्रल जेल वैसे अहमदाबाद ब्लास्ट, अक्षरधाम और लठ्ठाकांड के कैदियों के लिए जाना जाता है, लेकिन अब जेल में एक नई शुरुआत की जा रही है. अहमदाबाद साबरमती जेल में पिछले 10 साल से भी ज्यादा वक्त से उम्र कैद की सजा काट रहे तीन कैदियों की 40 पेंटिग्स की प्रदर्शनी रखी गई है.

इन कैदियों को उसी खोली में रखा गया था, जहां पर देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को रखा गया था. इन कैदियों ने गांधी खोली में ऐसे चित्र तैयार किए हैं, जो गांधी जी या हमारी जिंदगी की सच्चाई से जुड़े हुए हैं.

चित्रों में जिंदगी की सच्चाई
कैदियों की पेंटिग्स की प्रदर्शनी का ख्याल तब आया, जब नवजीवन प्रेस के ट्रस्टी विवेक देसाई जेल के अधीक्षक सुनिल जोशी से मिलने पहुंचे. सुनिल जोशी ने कहा कि ये कैदी पिछले करीबन 10 से ज्यादा सालों से जेल के बाहर नहीं निकले हैं, हालांकि पेंटिग्स जिंदगी का वो सच है, जो इनके दिल में चल रही है.

Advertisement

जेल अधिकारियों ने दी मंजूरी
जब कैदियों की पेंटिग्स को गांधीजी के नवजीवन प्रेस के ट्रस्टी विवेक देसाई ने देखी, तो उन्होंने कहा, 'भले ही लोग जेल के अंदर पेंटिंग देखने नहीं आ सकते, लेकिन पेंटिंग्स तो बाहर आ सकती हैं.' विवेक देसाई ने जेल अधीक्षक को प्रस्ताव दिया कि गांधीजी के नवजीवन प्रेस के 'सत्य आर्ट गैलरी' में इन चित्रों की प्रदर्शनी रखी जाए और जेल अधिकारियों ने इजाजत दे दी.

2 अक्टूबर तक चलेगी प्रदर्शनी
इन पेंटिग्स की कीमत एक हजार से लेकर तीन हजार तक तय की गई है और इन्हें बेच कर जो भी पैसे इकट्ठे होंगे, वो सीधा चित्र बनाने वाले कैदियों को दिए जाएंगे. 27 सितंबर से शुरू हो रही ये प्रदर्शनी 2 अक्टूबर यानी गांधीजी के जन्मदिन तक चलेगी.

Advertisement
Advertisement