प्राइवेट नर्सिंग होम में काम करने वाली नर्सों की कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार से अहम 6 बिंदुओं पर स्थिति साफ करने को कहा है.
हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि क्या नर्सों और हेल्थकेयर वर्कर्स को भी 7 अप्रैल के नोटिफिकेशन के मुताबिक कोरोना के कारण जान जाने पर एक करोड़ रुपये की राशि दी जा सकती है?
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कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा है कि नर्सिंग स्टाफ के लिए क्या अलग से हेल्पलाइन नंबर जारी किया जा सकता है जहां पर उन्हें कोई परेशानी होने पर वो सीधे शिक़ायत दर्ज कर सकें और उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो सके.
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कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा है कि वह सभी प्राइवेट रजिस्टर्ड नर्सिंग होम से अंडरटेकिंग लें कि सभी हेल्थ वर्कर्स को पीपीई किट, एन 95 मास्क और बाकी बचाव से जुड़े सामान मुहैया कराएंगे. भले ही हेल्थ केयर वर्कर्स और नर्सों की ड्यूटी नॉन कोविड डिपार्टमेंट में हो, क्योंकि साधारण बीमारियों का इलाज करने वाले लोगों के बीच में भी कोरोना का खतरा है, और इससे हेल्थ केयर वर्कर्स और नर्स संक्रमित हो सकते हैं.
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कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि अगर प्राइवेट नर्सिंग होम नर्स और हेल्थ केयर स्टाफ को पीपीई किट और मास्क जैसी चीजें नहीं देते हैं, तो दिल्ली सरकार उन्हें मुहैया कराएगी और बाद में उसका पैसा नर्सिंग होम से वसूला जाएगा.
केंद्र सरकार से भी हाई कोर्ट ने पूछा है कि क्या प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत प्राइवेट नर्स और प्राइवेट हेल्थ केयर स्टाफ को शामिल किया जा सकता है? प्राइवेट अस्पतालों में काम करने वाली नर्स और हेल्थ केयर स्टाफ के कोरोना से संक्रमित होने और मौत होने के बाद भी आर्थिक सहायता को लेकर स्थिति अभी तक साफ नहीं है.
नर्सिंग स्टाफ को क्वारनटीन करने की क्या है व्यवस्था?
नर्सिंग स्टाफ को अगर कोरोना होता है तो उस सूरत में नर्सिंग होम के पास हेल्थ केयर स्टाफ को क्वारनटीन कराने की क्या व्यवस्था है. क्या नर्सिंग होम उनको क्वारनटीन कराने की व्यवस्था ठीक से कर रहे हैं या फिर उनको राम भरोसे ही छोड़ा जा रहा है.
साथ ही नर्स और और हेल्थकेयर स्टाफ के लिए दिल्ली सरकार नोडल ऑफिसर की नियुक्ति कर सकती है. नोडल ऑफिसर की नियुक्ति से हेल्थ केयर स्टाफ को अगर कोई भी दिक्कत आती है तो उन्हें तुरंत मदद मिलने की संभावना ज्यादा रहती है.
कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई करने के लिए 17 जुलाई की तारीख़ तय की है. 17 जुलाई को होने वाली सुनवाई में दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार दोनों को इन छह अहम बिंदुओं पर कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखना होगा.
क्यों दायर की गई याचिका
दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई थी कि नर्सिंग स्टाफ को प्राइवेट नर्सिंग होम में किसी तरह की कोई सुविधा और बचाव के उपाय को लेकर गंभीरता नहीं दिख रही है. इसके चलते तकरीबन 18 नर्स कोरोना से संक्रमित होकर अपनी जान गवा चुकी हैं. यहां तक कि कुछ नर्सिंग होम में इस्तेमाल की हुई पीपीई किट को दोबारा इस्तेमाल करने के लिए भी नर्सों पर दबाव बनाया गया.