उत्तरी दिल्ली नगर निगम का बजट सोमवार को पेश किया गया. कमिश्नर वर्षा जोशी ने यह बजट पेश किया. लेकिन इस बजट से आम जनता की जेब ढीली हो सकती है. बजट में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है. कमर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स में 5 फीसदी और आवासीय प्रॉपर्टी के टैक्स में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है.
बता दें कि दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने भी प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की तैयारी कर ली है. शुक्रवार को साउथ एमसीडी का बजट पेश किया गया. एमसीडी कमिश्नर ज्ञानेश भारती ने 2020-21 के लिए बजट पेश किया था.
बजट में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया. कमिश्नर ने प्रॉपर्टी टैक्स में 8 फीसदी तक की बढ़ोतरी की सिफारिश की. ऐसे में दक्षिण दिल्ली निगम में रहने वाले लोगों को अब ज्यादा टैक्स भरना पड़ सकता है.
बजट में प्रॉपर्टी टैक्स की 3 कैटेगरी को मर्ज कर 2 केटेगरी बनाने का प्रस्ताव दिया गया है. कैटेगरी मर्ज होने से C, D, E कैटेगरी के प्रॉपर्टी का टेक्स 11 से बढ़कर 12 फीसदी हो जाएगा. इसी तरह कमर्शियल प्रॉपर्टी पर भी टैक्स को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है.
नया टैक्स लगाने की तैयारी में एमसीडी
कॉमर्शियल प्रॉपर्टी की C, D, E कैटेगिरी में टैक्स को 12 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी और F, G, H कैटेगरी के प्रॉपर्टी टैक्स को 10 फीसदी से 12 फीसदी किए जाने की तैयारी है. इसके अलावा साउथ एमसीडी प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर लगने वाले टैक्स में 1 फीसदी की बढ़ोतरी और पेशेवर टैक्स नाम के एक नए टैक्स का भार दिल्ली वालों की जेब पर डालने जा रही है.
बता दें कि दक्षिण दिल्ली नगर निगम भी आर्थिक मंदी के संकट से जूझ रहा है. ऐसे में उसकी आर्थिक सेहत सुधारने के लिए आय का बढ़ना जरूरी है. लेकिन आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी टैक्स बढ़ाने का जोखिम नहीं लेना चाहेगी.