दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने एनसीआर में रह रहे वकीलों को दिल्ली स्थित चैंबर्स में आने की इजाजत देने के लिए पास जारी करने अनुमति मांगी है. बार एसोसिएशन ने इस संबंध में दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल को एक पत्र लिखा है.
बार एसोसिएशन ने कहा है कि गाजियाबाद, नोएडा, गुड़गांव, फरीदाबाद और दिल्ली एनसीआर के बाकी इलाकों से आने वाले वकीलों को बॉर्डर पर रोका जा रहा है. इसके चलते दिल्ली के अपने चैंबर्स में वकील नहीं पहुंच पा रहे हैं. ऐसे में वकीलों का काम प्रभावित हो रहा है. अपने चैंबर्स में केस से जुड़ी हुई फाइल्स और बाकी दस्तावेजों को पढ़ने में वकील असमर्थ है.
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दिल्ली हाई कोर्ट में फिलहाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 6 बेंच कार्यरत है. वकील भी ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही सुनवाई में हिस्सा ले रहे हैं और जिरह कर रहे हैं.
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लेकिन दिल्ली के दफ्तरों में केस से जुड़ी हुई फाइल रखी होने के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली सुनवाई में पर्याप्त साक्ष्य और जानकारी जज के सामने पेश नहीं कर पा रहे हैं. कानून से जुड़ी हुई किताबें और रिकॉर्ड भी दिल्ली के दफ्तरों में होने के चलते वकीलों को अपने मामले की पैरवी करने में तो दिक्कत हो ही रही है.
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वकील केस की पूरी तैयारी भी सही से नहीं कर पा रहे हैं. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे पत्र में बार ने कहा है कि इसके चलते वकीलों की जीविका भी प्रभावित हो रही है. अपने केस की पैरवी में भी वह पिछड़ रहे हैं. साथ ही नए केस भी नहीं ले पा रहे हैं. अकेले दिल्ली में ही तकरीबन एक लाख से ऊपर वकील प्रैक्टिस करते हैं. लेकिन लॉकडॉउन के चलते वकीलों का भी कामकाज पूरी तरह से ठप है.
दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सेक्रेटरी अभिजात ने 'आजतक' से बातचीत में बताया कि उन्हें उम्मीद है कि हाई कोर्ट इस मामले में अगले एक-दो दिन में कोई फैसला ले लेगा.