पैसे की तंगी से जूझ रही पूर्वी दिल्ली नगर निगम (EDMC) ने एक साल के लिए अपने ऑफिस में चाय-नाश्ते पर रोक लगाने के साथ ही कर्मचारियों की सैलरी भी काटी है. पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने इस संबंध में सर्कुलर भी जारी कर दिया है.
पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने जिन कर्मचारियों की सैलरी काटी है, उनमें हेड क्लर्क, सुपरिटेंडेंट, जूनियर स्टेनो, सीनियर स्टेनो और ट्रांसलेटर इत्यादि हैं. 7वें वेतन आयोग के मुताबिक पहले कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का फैसला लिया गया था, लेकिन कुछ महीने सैलरी देने के बाद अब सैलरी काटी जाएगी.
कर्मचारियों की सैलरी से 5,000 से लेकर 15,000 रुपये तक काटे जाएंगे. ये सर्कुलर पूर्वी दिल्ली के कमिश्नर पुनीत गोयल ने जारी किया है, जोकि दक्षिण दिल्ली नगर निगम के भी कमिश्नर है. हालांकि दक्षिण दिल्ली नगर निगम में किसी की भी सैलरी नहीं काटी जा रही है.

इसको लेकर कर्मचारियों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. कर्मचारियों का कहना है कि कंगाली की वजह से पैसे काटने का फरमान अधिकारी और नेता मिलकर ले रहे हैं, लेकिन अधिकारी अपनी सैलरी नहीं काट रहे हैं. यहां तक कि अधिकारी अपना डेपुटेशन भत्ता भी नहीं छोड़ रहे हैं और पैसे की कमी कर्मचारियों की सैलरी काटकर पूरी कर हैं. अगर ऐसा नियम बनाया जा रहा है, तो फिर नियम अलग-अलग क्यों हैं?
पूरी तरह कंगाल हो चुका है नगर निगम
पूर्वी दिल्ली नगर निगम इतना कंगाल हो चुका है कि यहां साल भर के लिए चाय और नाश्ते पर रोक लगा दी गई है. साथ ही न तो कोई नई गाड़ी आएगी और न ही निगम के अधिकारी व नेता हवाई जहाज में उड़ सकेंगे. बहुत जरूरी हुआ, तो सबसे सस्ते हवाई टिकट लिए जाएंगे.
इतना ही नहीं, नई भर्तियों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी. पैसे वाली छुट्टियों समेत महंगे अस्पताल का बिल भी निगम की तरफ से नहीं चुकाया जाएगा. कमिश्नर पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने खर्चे में कटौती करने के लिए ये कदम उठाए हैं.
इससे पहले पूर्वी दिल्ली नगर निगम के मेयर बिपिन बिहारी सिंह ने सरकारी गाड़ी छोड़ दी थी और अपनी निजी गाड़ी से चलते है. दअरसल पूर्वी दिल्ली नगर निगम की हालात आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया वाली हो गई है.