दिल्ली के फिल्मिस्तान में हुए अग्निकांड की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस की टीम बिल्डिंग के भीतर जांच करने पहुंच गई है. इसके साथ ही उत्तरी दिल्ली नगर निगम की कमिश्नर वर्षा जोशी अनाज मंडी पहुंची हैं. इस दौरान वह मीडिया के सवालों से भागती नजर आईं. अनाज मंडी अग्निकांड के बाद उत्तरप्रदेश पुलिस की एक टीम केस स्टडी के लिए घटनास्थल पहुंची है. इस बीच दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम बिल्डिंग से बाहर निकली है. टीम बिल्डिंग से मजदूरों के करीब 8 मोबाइल लेकर बाहर आई.
रिपोर्ट के मुताबिक मीडिया ने जब वर्षा जोशी से फिल्मिस्तान अग्निकांड को लेकर सवाल पूछा तो वे गुस्सा हो गईं, उन्होंने मीडिया को कैमरे बंद करने के लिए कहा और वहां से चली गईं.
बता दें कि फिल्मिस्तान अग्निकांड में 43 लोगों की मौत हो गई है. इनमें से अबतक 29 शवों की पहचान हुई है. इस बीच सोमवार सुबह एक बार फिर इस इमारत से आग का धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया. बाद में अग्निशमन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और आग पर काबू पाया. इस इमारत में लगी आग की वजहों का पता अब तक नहीं चल पाया है. हालांकि कई जांच एजेंसियां आग के कारणों की जांच कर रही है.
इस बीच राज्यसभा ने सोमवार को दिल्ली के रानी झांसी मार्ग इलाके में भयानक आग की चपेट में आकर 43 मजदूरों के मारे जाने पर शोक व्यक्त किया. सदस्यों ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ्य होने की कामना भी की. यह घटना रविवार सुबह को तब हुई, जब आग उस फैक्ट्री में लग गई, जहां मजदूर सो रहे थे.
ऊपरी सदन के सदस्यों ने मृतकों के सम्मान में कुछ देर मौन रखा। मृतकों में से अधिकतर बिहार और पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के थे. सदन ने इसके साथ ही कारखानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कम सुरक्षा उपाय को लेकर चिंता प्रकट की. राज्यसभा के सभापति एम.वेंकैया नायडू ने कहा, "इस दुखद घटना में बहुमूल्य जिंदगियों की हानि और लोगों का घायल होना काफी दुर्भाग्यपूर्ण और दुखदायी है."