कोरोना वायरस के कारण देश में लागू लॉकडाउन सरकार ने 17 मई तक बढ़ा दिया है. हालांकि गृह मंत्रालय ने राज्यों को यह छूट दी है कि वे अन्य राज्यों में फंसे अपने छात्रों, मजदूरों को वापस ला सकते हैं. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के छात्र भी बड़ी तादाद में राजस्थान के कोटा में फंसे हुए थे. इन छात्रों को वापस लाने के लिए राज्य सरकार ने बसें कोटा भेजी थीं.
अब कोटा में फंसे दिल्ली के 817 छात्रों को राजधानी वापस लाया जा रहा है. ये छात्र 40 बसों से लाए जा रहे हैं. इन छात्रों को कश्मीरी गेट के अंतरराज्यीय बस अड्डा (ISBT) लाया जाएगा. आईएसबीटी पहुंचने पर छात्रों की मेडिकल जांच होगी. इसके लिए आईएसबीटी पर मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है. मेडिकल जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे क्या करना है, इस बात का फैसला लिया जाएगा.
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आईएसबीटी पर भी 30 से अधिक बसें लगाई गई हैं. माना जा रहा है कि इन बसों को इसलिए लगाया गया है, ताकि मेडिकल जांच के बाद छात्रों को जहां भेजने का फैसला होगा, वहां पहुंचाया जा सके. आईएसबीटी पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के साथ ही अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी तैनात किया गया है.कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
गौरतलब है कि केंद्र से अन्य राज्यों में फंसे नागरिकों को वापस लाने की छूट मिलते ही दिल्ली की केजरीवाल सरकार सक्रिय हुई और कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए बसें रवाना कर दी थीं. अब 40 बसों से 817 छात्र अपने गृह राज्य के लिए रवाना हो चुके हैं. इन छात्रों के आज दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है. बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कोटा से अपने छात्रों को बस भेजकर वापस बुला लिया था.देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें
योगी सरकार के इस कदम के बाद अन्य प्रदेशों की सरकारों पर भी अपने छात्रों को वापस बुलाने का दबाव बढ़ गया था. बिहार में तो विपक्ष ने नीतीश सरकार को संवेदनहीन बताते हुए बसें तक उपलब्ध कराने की पेशकश कर दी है. झारखंड के छात्रों को कोटा से विशेष ट्रेन से ले जाया जा रहा है.