इतना ही नहीं, नॉर्थ एमसीडी में 30 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को बीते 3 महीने से सैलरी भी नहीं मिली थी. इनमें डॉक्टर, नर्स और टीचर शामिल हैं. दिल्ली सरकार से वर्षा जोशी का टकराव भी किसी से छुपा नहीं था. यही वजह है कि दिल्ली सरकार और नगर निगम के बीच वर्षा जोशी के कार्यकाल में फंड का संकट सुलझ नहीं सका.
इसके अलावा नॉर्थ एमसीडी के 39 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, जिनमें 8 डॉक्टर और नर्स और 31 फील्ड वर्कर शामिल हैं. मेयर से लेकर बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं तक से वर्षा जोशी की तनातनी की खबरें बेहद आम थीं. बीते दिनों वर्षा जोशी ने नॉर्थ एमसीडी के महत्वपूर्ण डायरेक्टर ऑफ इनफार्मेशन एंड प्रेस के पद पर अपनी खास और चहेती अफसर इरा सिंघल की तैनाती की थी, जिसको लेकर विवाद भी हुआ था.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
वर्षा जोशी दिल्ली सरकार में ट्रांसपोर्ट सचिव भी रह चुकी हैं. उस समय दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर के साथ उनका जमकर झगड़ा हुआ था. इसके बाद वर्षा जोशी का तबादला दिल्ली सरकार से हटाकर नगर निगम में कमिश्नर के पद पर कर दिया गया था.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
पिछले साल वर्षा जोशी ने एक के बाद एक कई ट्वीट करके अपने दफ्तर में खुद के असुरक्षित होने दावा करके हड़कंप मचा दिया था. इस दौरान विपक्ष ने वर्षा जोशी को इस मुद्दे को लेकर खूब घेरा था और पूछा था कि जब कमिश्नर खुद अपने दफ्तर में सुरक्षित नहीं है, तो बाकी स्टाफ का क्या होगा?
देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें