कोरोना वायरस के संकट के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने तंबाकू के इस्तेमाल और बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. याचिका में कहा गया था कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान तंबाकू खाने और बेचने पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाए, क्योंकि तंबाकू चबाने के बाद लोग उसे थूकते है. इससे कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने का खतरा कई गुना और बढ़ जाता है.
इस दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली और केंद्र सरकार दोनों ने तंबाकू और शराब की बिक्री को लेकर गाइडलाइन जारी की है. ऐसे में कोर्ट की तरफ से इस मामले में अलग से दिशानिर्देश देने की जरूरत नहीं है. अदालत ने कहा कि सरकार पहले ही कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए दिशानिर्देश जारी करके यह साफ कर चुकी है कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की मनाही है.
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अदालत ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय सार्वजनिक और खुले स्थानों पर थूकने को लेकर पहले की गाइडलाइन जारी कर चुका है. ऐसे में इस मामले में अदालत के हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं नजर आती है. इस दौरान केंद्र सरकार के वकील ने भी यही दलील दी.
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इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने इस अर्जी पर सुनवाई से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता से कहा कि कोर्ट को इस मामले में कोई निर्देश देने की आवश्यकता नहीं लग रही है. दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा याचिका पर सुनवाई से इनकार करने के बाद याचिकाकर्ता और वकील संजीव शर्मा ने अपनी याचिका को वापस ले लिया.
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दिल्ली हाईकोर्ट में यह याचिका उस समय लगाई गई, जब भारत समेत पूरे विश्व में कोरोना वायरस ने पैर पसार लिया है. मोदी सरकार ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन कर रखा है. इसके बावजूद हिंदुस्तान में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है. अब तक भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 49 हजार 390 से ज्यादा हो चुकी है, जिनमें से 1694 लोगों की मौत हो चुकी है.