देश की राजधानी में दो बड़े राजनीतिक दलों के बीच इन दिनों एक अनोखा 'क्रेडिट वॉर' चल रहा है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी सत्ता में है और कोरोना के मद्देनजर ठीक हो रही स्थिति का पूरा क्रेडिट आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दे रहे हैं. लेकिन दिलचस्प बात ये है कि बीजेपी भी क्रेडिट का मौका गंवाना नहीं चाहती है.
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बीजेपी नेता अलग-अलग अंदाज में दावा कर रहे हैं कि गृहमंत्री अमित शाह ने खुद अपने स्तर पर, दिल्ली में गंभीर हो चुकी कोरोना संक्रमण की स्थिति को काबू में किया. बीजेपी नेता दावा कर रहे हैं कि जब दिल्ली सरकार के मंत्री 31 जुलाई तक के लिए दिल्ली में कोरोना के साढ़े 5 लाख मामलों का आंकलन कर रहे थे, तब अमित शाह ने ही दिल्ली में कोरोना से लड़ाई की बागडोर संभाली.
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आम आदमी पार्टी और बीजेपी के नेताओं से लेकर समर्थकों के बीच 'क्रेडिट वॉर' सोशल मीडिया में भी लगातार जारी है. दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और उत्तरी-पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया का एक बयान शेयर करते हुए पूछा कि आज 1 अगस्त है जी, कितने केस हैं कोरोना के मनीष सिसोदिया जी?
आज 1 अगस्त है जी, कितने केस हैं कोरोना के @msisodia जी..? pic.twitter.com/sVRt7x2NPQ
— Manoj Tiwari (@ManojTiwariMP) August 1, 2020
मनोज तिवारी के ट्वीट का जवाब देने में आम आदमी पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने महज 5 मिनट का समय लिया और तंज कसते हुए देशभर में कोरोना के कुल मामलों की संख्या को ट्वीट कर दिया.
देश में 16,38, 870 केस है करोना के। https://t.co/KgJGW9BWKo
— AAP (@AamAadmiParty) August 1, 2020
वहीं, पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'कल कह रहे थे बचा लो नहीं तो 5.5 लाख केस हो जायेंगे, आज कह रहे हैं दखल मत दो नहीं तो कोर्ट ले जायेंगे.'
कल कह रहे थे बचा लो नहीं तो 5.5 लाख केस हो जायेंगे, आज कह रहे हैं दखल मत दो नहीं तो कोर्ट ले जायेंगे
Tughlaq के राज में जब ज़मीन लगती है फटने, तब प्रसाद लगता है बटने !
— Gautam Gambhir (@GautamGambhir) August 1, 2020
आम आदमी पार्टी की तरफ से गौतम गंभीर को जवाब देने विधायक राजेश गुप्ता सामने आए. विधायक राजेश गुप्ता ने अपने ट्वीट में लिखा कि वो ट्रंप के जीतने का क्रेडिट लेता है, वो बॉलीवुड की फिल्मों का क्रेडिट लेता है! वो नेहरू के कामों का क्रेडिट लेता है, वो अंग्रेजों की गुलामी के बावजूद आजादी का क्रेडिट लेता है! उसे दूसरे के कामों का क्रेडिट लेना पसंद है वो केजरीवाल के दिल्ली मॉडल का क्रेडिट लेता है.
वो ट्रम्प के जीतने का क्रेडिट लेता है, वो बॉलीवुड की फ़िल्मों का क्रेडिट लेता है !
वो नेहरु के कामों का क्रेडिट लेता है, वो अंग्रेज़ों की ग़ुलामी के बावजूद आज़ादी का क्रेडिट लेता है !
उसे दूसरे के कामों का क्रेडिट लेना पसंद है वो केजरीवाल के “दिल्ली मॉडल” का क्रेडिट लेता है” https://t.co/QwUvXfb13W
— ℝ𝕒𝕛𝕖𝕤𝕙 𝔾𝕦𝕡𝕥𝕒 (@rajeshgupta) August 1, 2020
वहीं दिल्ली में बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने ट्वीट कर दावा किया कि दिल्ली का मॉडल केजरीवाल का मॉडल नहीं. यह पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमित शाह का मॉडल है, जिससे दिल्ली में असली बदलाव आए हैं.
दिल्ली का मॉडल केजरीवाल का मॉडल नहीं।
यह पीएम @narendramodi जी के नेतृत्व में @AmitShah जी का मॉडल है जिससे दिल्ली में असली बदलाव आये हैं। #DelhiModel
— Adesh Gupta (@adeshguptabjp) July 31, 2020
उधर दिल्ली आम आदमी पार्टी ने आदेश गुप्ता को जवाब देते हुए पूछ लिया कि बीजेपी के गुजरात मॉडल का क्या हुआ?
भाजपा के "गुजरात मॉडल" का क्या हुआ? https://t.co/cdqj4kYoHz
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 31, 2020
दरअसल, बीजेपी दावा कर रही है कि दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समझ और गृहमंत्री अमित शाह के एक्शन में आने के बाद कोरोना कंट्रोल में आया है. हालांकि दिल्ली बीजेपी उन ट्वीट और खबरों से खासी तिलमिलाई हुई है, जिसमें कहा गया है कि कोरोना से निपटने में केंद्र सरकार ने दिल्ली मॉडल का लोहा माना है.
'दिल्ली सरकार का कोई योगदान नहीं'
दिल्ली बीजेपी प्रभारी श्याम जाजू ने दावे और आरोप को समेटते हुए कहा, 'दिल्ली में कोरोना अमित शाह के कमान संभालने के बाद कंट्रोल में आया है. इसमें दिल्ली सरकार का कोई योगदान नहीं है. दिल्ली सरकार ने तो केंद्र सरकार द्वारा दिए गए बजट में से करोड़ों रुपये सिर्फ विज्ञापन पर खर्च किए हैं.' आम आदमी पार्टी विधायकों पर श्याम जाजू ने आरोप लगाते हुए कहा कि AAP का कोई विधायक सड़कों पर राशन, मास्क बांटते नजर नहीं आया, जबकि बीजेपी कार्यकर्ता सड़क पर सेवा कर रहे थे.
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वहीं आम आदमी पार्टी का कहना है, 'केंद्र सरकार जमीनी हकीकत को नहीं समझती है. कोरोना काल में होम आइसोलेशन की जरूरत को केंद्र सरकार नहीं समझ पाई. जनता से जुड़े कई मामले केंद्र सरकार को समझ नहीं आए क्योंकि जमीन पर वो नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी की सरकार है. दिल्ली का मॉडल पूरे देश में अपनाया जा सकता है. ये मॉडल सिर्फ दिल्ली की जनता और दिल्ली सरकार के जरिए मिलकर बनाया गया है, हालांकि कह सकते हैं कि केंद्र सरकार का भी आशीर्वाद मिला.'
दिल्ली में कोरोना के कम होते मामलों पर क्रेडिट को लेकर वॉर और पलट'वॉर' के बीच 'आजतक' ने आम आदमी पार्टी और बीजेपी नेताओं से बातचीत की.
दिल्ली में AAP के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज से जब क्रेडिट पर मचे बवाल को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'चाहे परिवार हो, संस्था या सरकार, क्रेडिट का कॉन्सेप्ट सीधा है. जिसकी जिम्मेदारी है, उसका क्रेडिट और वाहवाही होनी चाहिए. अगर केंद्र सरकार आज गुजरात, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक में कोरोना की जिम्मेदारी लेती है तो सारा क्रेडिट अमित शाह को मिलेगा. अगर आज अमित शाह कह दें कि दिल्ली में कूड़े और लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी उनकी, तो सारा क्रेडिट भी उनका लेकिन पहले जिम्मेदारी भी लेनी होगी. ऐसा नहीं हो सकता कि जिम्मेदारी अरविंद केजरीवाल की और क्रेडिट अमित शाह का. ये गड़बड़ नहीं चलेगी, केंद्र सरकार का क्रेडिट लेना अनैतिक है.'
अफसरों में गंभीरता
जबा पूछा गया कि क्या गृहमंत्री द्वारा दखल के बाद दिल्ली में हालात बेहतर हुए? इस पर सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'इस बात से सहमत हूं कि जब गृहमंत्री ने दिल्ली में बैठक की, तब जाकर अफसरों में गंभीरता जागी क्योंकि दिल्ली की अफसरशाही दिल्ली सरकार नहीं बल्कि केंद्र सरकार के अधीन है. गृहमंत्री ही सभी अफसरों को कंट्रोल करते हैं. केंद्र सरकार से टेस्टिंग के लिए मदद मिली और मदद के लिए धन्यवाद लेकिन क्रेडिट जिम्मेदारी संभालने वाले को मिलनी चाहिए. अरविंद केजरीवाल ने खुल्लमखुल्ला जिम्मेदारी लेकर इस मुसीबत से लड़ाई लड़ी है.'
उधर, दिल्ली बीजेपी नेता विजेन्द्र गुप्ता का कहना है कि बात क्रेडिट या डिस्क्रेडिट की नहीं है. दिल्ली का दुर्भाग्य है कि आम आदमी पार्टी हर बात का राजनीति करण करती है. विजेंद्र गुप्ता ने कहा, 'दिल्ली की सरकार जब कोरोना को संभालने में फैल हो गयी है, तब गृहमंत्री अमित शाह ने दखल दिया. दिल्ली सरकार के तरीके से अफसरशाही परेशान थी और डॉक्टर्स का हौसला भी गिरा हुआ था, फिर गृहमंत्री अमित शाह ने एलएनजेपी अस्पताल का दौरा किया और तब डॉक्टर्स में उत्साह आया. जब गृहमंत्री अस्पतालों के दौरा कर रहे थे तब तक मुख्यमंत्री घर से बाहर ही नहीं निकले थे.'
समस्या का अंत
इसके अलावा विजेंद्र गुप्ता ने गृहमंत्री अमित शाह के दखल के बाद दिल्ली में आए बदलाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि दिल्ली में प्राइवेट अस्पतालों के इलाज की दर फिक्स करने से लेकर, टेस्टिंग बढ़ाने और दिल्ली में एंटीजन की शुरुआत करने के अलावा, बेड्स की कमी से जूझ रहे अस्पतालों की समस्या का भी अंत किया. साथ ही, कोरोना से जिनकी मौत हुई, उनके अंतिम संस्कार की व्यवस्था को सुनिश्चित भी करवाया.