सुधांशु त्रिवेदी और सौरभ भारद्वाज (फाइल फोटो) सीएम केजरीवाल जेल से जमानत पर बाहर आने के दो दिन बाद रविवार को पार्टी ऑफिस पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने जोरदार भाषण दिया और इसी दौरान उन्होंने अचानक ही इस्तीफा दे दिया. उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा, 'आज से दो दिन के बाद मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं मैं तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा, तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा जब तक मैं सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा. जब तक जनता अपना फैसला नहीं सुना देती कि केजरीवाल इमानदार है, तब तक मैं कुर्सी पर नहीं बैठूंगा.'
सीएम केजरीवाल ने कहा कि, मनीष सिसोदिया ने भी कहा है कि वह भी डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री का पद तभी संभालेंगे जब जनता की अदालत से चुनकर आ जाएं. ' सीएम केजरीवाल के इस ऐलान के बाद से दिल्ली की राजनीति में हलचल मची हुई है.
सीएम अरविंद केजरीवाल के इस ऐलान के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री बनने का कोई सवाल ही नहीं है. हम लंबे समय से यह कह रहे हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए... यह मात्र एक नाटक है. ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई निर्वाचित नेता जमानत पर जेल से बाहर आया और सुप्रीम कोर्ट ने उसे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में न जाने या किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से मना किया हो... इस तरह की शर्तें किसी और मुख्यमंत्री पर कभी नहीं लगाई गईं... शायद सुप्रीम कोर्ट को भी डर है कि यह व्यक्ति सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है... सुप्रीम कोर्ट उसे एक अपराधी की तरह मान रही है... अरविंद केजरीवाल और नैतिकता का कोई मेल नहीं है."
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के 2 दिन बाद इस्तीफा देने के ऐलान पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ये उनकी मर्जी है, अगर वे जेल में सीएम रह सकते हैं, तो वे बाहर भी सीएम रह सकते हैं. हो सकता है कि ऐसे और भी मामले हों जो ज़्यादा गंभीर हों और जिन पर ध्यान देने की ज़रूरत है.
बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा दो दिन बाद इस्तीफे की घोषणा पर कहा कि केजरीवाल भ्रष्टाचार के दलदल में डूबे हुए हैं. वह हरियाणा में फिर जाकर इमोशनल गेम खेलेंगे और दिल्ली में भी इमोशनल गेम खेलेंगे. उन्होंने कहा कि केजरीवाल को जमानत मिली तो वह कह रहे हैं कि ये मेरी जीत है. जबकि कोर्ट ने कहा है कि आप कोई डिसीजन नहीं ले सकते हैं.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पद छोड़ने का फैसला लिया है. सूत्रों के मुताबिक केजरीवाल ने खुद ही इस्तीफा देने का फैसला लिया है. कल आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं की बंद कमरे में बैठक हुई थी. इसमें अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे पर फैसला लिया था. शनिवार को पार्टी के दो अहम बैठकें हुई थीं. अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के शीर्ष नेताओं से कहा कि वह इस्तीफा देने जा रहे हैं. मनीष सिसोदिया के घर हुई दूसरी बैठक में अंतिम रणनीति बनाई गई थी.
आतिशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने कभी भी करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग नहीं किया है. अरविंद केजरीवाल ने यह सुनिश्चित करने के लिए पद छोड़ने का ऐलान किया है ताकि दिल्ली के किसी भी मतदाता को उनकी ईमानदारी पर संदेह न हो. सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को क्लीन चीट दे दी है, लेकिन वह चाहते हैं कि दिल्ली की जनता उन्हें अपना जनादेश दे.
अरविंद केजरीवाल इस्तीफे के 15 दिन के भीतर सीएम आवास छोड़ देंगे. दरअसल, एक प्रोटोकॉल है कि अगर कोई सीएम इस्तीफा देता है तो उसे 15 दिन में सीएम आवास छोड़ना पड़ता है, केजरीवाल इस प्रोटोकॉल को फॉलो करेंगे.
दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी पर तीखा हमला किया. दरअसल सुधांशु त्रिवेदी ने केजरीवाल के लिए सजायाफ्ता (दोषी ठहराया हुआ) शब्द का इस्तेमाल किया था, इस पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सुधांशु त्रिवेदी एक शिक्षित व्यक्ति हैं, राज्यसभा सांसद हैं, वह अरविंद केजरीवाल के लिए ऐसे शब्द का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं, जबकि अभी तक मुकदमा शुरू भी नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि मैं सुधांशु त्रिवेदी को चेतावनी देता हूं कि उन्हें अपना इलाज करवाना चाहिए, वरना हम जानते हैं कि कैसे करना है.
दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी को कोर्ट ने षड्यंत्र बनाया था. अब केजरीवाल ने जनता की अदालत में जाकर अग्निपरीक्षा देने का फैसला किया है. केजरीवाल ने ईमानदारी पर वोट मांगा है. दिल्ली की जनता न्याय करेगी. केजरीवाल ने पहले भी कुर्सी छोड़ी है.
बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि केजरीवाल जब जेल में थे, तब उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया. वह पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने जेल जाने पर इस्तीफा नहीं दिया, उनसे पहले सभी मुख्यमंत्रियों ने इस्तीफा दिया था जिन्हें जेल जाना पड़ा था. केजरीवाल ने दिल्ली में पटाखा बैन के अपने ही सरकार के फैसले का उल्लंघन किया. इतना ही नहीं, आज उन्होंने खुद की तुलना भगत सिंह से की. आपको याद होगा कि भगत सिंह के परिवार वालों ने भी इसका विरोध किया था.
दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने अपने सीएम बनने की चर्चाओं को लेकर कहा कि सीएम बनना जरूरी नहीं है, दिल्ली का विकास जरूरी है. उन्होंने अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के ऐलान पर कहा कि, आम आदमी पार्टी नेआज तक कभी एक रुपये का भ्रष्टाचार किया है और न करेंगे. देश की अदालत ने सीएम केजरीवाल को जमानत दे दी, लेकिन अब जनता को फैसला करना है कि उनका नेता ईमानदार है कि नहीं. उन्होंने भी सीएम की बात दोहराते हुए दिल्ली में जल्द चुनाव कराने की मांग की है.
सीएम अरविंद केजरीवाल के इस ऐलान के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, "मुख्यमंत्री बनने का कोई सवाल ही नहीं है. हम लंबे समय से यह कह रहे हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए... यह मात्र एक नाटक है. ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई निर्वाचित नेता जमानत पर जेल से बाहर आया और सुप्रीम कोर्ट ने उसे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में न जाने या किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से मना किया हो... इस तरह की शर्तें किसी और मुख्यमंत्री पर कभी नहीं लगाई गईं... शायद सुप्रीम कोर्ट को भी डर है कि यह व्यक्ति सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है... सुप्रीम कोर्ट उसे एक अपराधी की तरह मान रही है... अरविंद केजरीवाल और नैतिकता का कोई मेल नहीं है."
केजरीवाल ने कहा, 'मुझे जेल क्यों भेजा इन्होंने, ऐसा नहीं कि केजरीवाल ने भ्रष्टाचार किया. इनका मकसद था आम आदमी पार्टी को तोड़ना, केजरीवाल को तोड़ना. इनका फॉर्मूला है कि पार्टी तोड़ दो, विधायक तोड़ दो, ईडी छापेमारी कर दो. इनको लग रहा था कि केजरीवाल को जेल में डालकर पार्टी तोड़ देंगे.' सीएम ने कहा, 'मैंने इस्तीफा इसलिए नहीं दिया क्योंकि मैं देश के जनतंत्र को बचाना चाहता हैं. अगर मैं इस्तीफा दे देता.. ये एक-एक करके सबको जेल में डालते क्योंकि इन्होंने सिद्धारमैया, ममता दीदी, पिनाराई विजयन सबके खिलाफ केस कर रखा है. मैंने देश के तमाम मुख्यमंत्री से कहना चाहूंगा कि अगर मुख्यमंत्री रहते हुए आप पर यह कैसे करें तो अपने पद से इस्तीफा मत देना.... आज इनके हर षडयंत्र से मुकाबला करने की ताकत AAP में है क्योंकि हम ईमानदार हैं. '
सीएम केजरीवाल ने कहा कि, मनीष सिसोदिया ने भी कहा है कि वह भी डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री का पद तभी संभालेंगे जब जनता की अदालत से चुनकर आ जाएं. ' इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'सतेंद्र जैन, अमानतुल्ला खान भी जल्दी बाहर आएंगे. दिल्ली के लोगों ने हमारे लिए प्रार्थना की, मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं.. मैंने जेल में कई किताबें पढ़ीं - रामायण, गीता... मैं अपने साथ भगत सिंह की जेल डायरी लाया हूं. भगत सिंह की डायरी भी पढ़ी.'
केजरीवाल ने कहा, 'कुछ लोग बोल रहे हैं, कि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ कंडीशन लगाई है, पिछले 10 साल में इन्होंने कंडीशन लगाने में कोई कसर छोड़ी थी. केंद्र सरकार ने कानून बनाकर मेरे काम बंद करने की कोशिश की. इन कंडीशन को भी देख ली है. अगर आपको लगता है केजरीवाल ईमानदार हैं तो जमकर वोट देना मेरे पक्ष में. फरवरी में चुनाव हैं. मेरी मांग कि चुनाव तुरंत कराएं जाएं. नवंबर में महाराष्ट्र के साथ चुनाव कराएं जाएं. नए सीएम का चुनाव अगले 1-2 दिन में कराए जाएं.
आबकारी नीति ‘घोटाला’ मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के दो दिन बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रविवार को आम आदमी पार्टी के मुख्यालय पहुंचे. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने के बाद सीएम केजरीवाल कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान सीएम केजरीवाल ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 'मैं दो दिन बाद सीएम पद से इस्तीफा दूंगा.'