छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर मची खींचतान के बाद पार्टी प्रदेश प्रभारी को दखल देना पड़ा है. मुख्यमंत्री के उम्मीदवार को लेकर इन दिनों कांग्रेस में कोहराम मचा है. कुर्सी की दौड़ में शामिल नेताओं की प्रतिस्पर्धा के चलते प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया को कहना पड़ा है कि कांग्रेस को सीएम के चेहरे की आवश्यकता नहीं है.
पीएल पुनिया ने कहा, पहले चुनाव में जीत दर्ज करेंगे फिर पार्टी हाईकमान जिसे भी मौका देगी वही सीएम का चेहरा होगा. अंबिकापुर में पत्रकारों से बात करते हुए पीएल पुनिया ने कहा कि अभी उनका पूरा ध्यान चुनाव पर है. उनके मुताबिक पंद्रह अगस्त तक 90 फीसदी प्रत्याशी तय कर उनकी सूची एआईसीसी को भेज दी जाएगी.
कांग्रेस के भीतर पार्टी नेताओं में चुनाव जीतने की नहीं बल्कि इन दिनों मुख्यमंत्री का चेहरा बनने की होड़ मची है. इसके लिए कई नेता जोर आजमाइश के दौर में हैं. इसे लेकर सार्वजनिक रूप से बयान भी जारी किया जा रहा है. नेताओं में मची खींचतान से कांग्रेस में अभी से ही फूट का खतरा मंडराने लगा है. लिहाजा पीएल पुनिया को इस मामले में दखल देना पड़ा.
ये है मुख्यमंत्री के दावेदार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंह देव, पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत, पार्टी कार्यकारी अध्यक्ष डॉ शिवकुमार डहरिया और रामदयाल उइके ने खुद को सीएम पद का दावेदार करार दिया है. इसके बाद कई और पूर्व विधायक भी मुख्यमंत्री की कुर्सी के दावेदार बन गए थे. छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव इसी साल अक्टूबर नवंबर माह में हैं. इसकी वजह से राज्य में सियासी पारा गरमाया हुआ है.
पीएल पुनिया ने पूर्व कांग्रेसी नेता अजित जोगी का नाम लिए बगैर उन पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि अभी तक कांग्रेस के भितरघाती लोग पार्टी को चुनाव में हराते रहे हैं. लेकिन अब उनकी कांग्रेस से विदाई हो गई है. उनके मुताबिक कार्यकर्ता और पदाधिकारी अब जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं. इससे बीजेपी की हार सुनिश्चित है.
उन्होंने कहा कि जो दल कांग्रेस के विधारधारा से मेल खाते हैं उनसे ही पार्टी गठबंधन करेगी. हालांकि उनकी तैयारी राज्य की सभी 90 सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारने की है. दरअसल इन दिनों चर्चा जोरों पर है कि राज्य में कांग्रेस मत विभाजन से बचने के लिए बीएसपी और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से तालमेल की जुगत में है.
उधर बीजेपी ने पीएल पुनिया के मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस प्रवक्ता श्रीचंद सुंदरानी ने तंज कसते हुए कहा है कि आज भी कांग्रेस में जीते हुए विधायकों को फैसला लेने का हक़ नहीं है. बल्कि पार्टी आलाकमान के रूप में एक मात्र परिवार का सिक्का चल रहा है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की सिर्फ बात करती है. वास्तव में जीते हुए जनप्रतिनिधियों पर फैसला गांधी परिवार का थोपा जाता है. इसकी पुष्टि पीएल पुनिया के बयानों से होती है. उनके मुताबिक कांग्रेस मुंगेलीलाल के हसीन सपने देख रही है. सुंदरानी ने कहा कि दरअसल मुख्यमंत्री रमन सिंह के मुकाबले कांग्रेस के पास ऐसा कोई चेहरा नहीं है, जिस पर जनता विश्वास कर सके. उन्होंने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र में सिमित नेताओं की हकीकत कांग्रेस बखूबी जानती है. इसलिए वो भावी मुख्यमंत्री का चेहरा जनता के बीच में लाने से परहेज कर रही है.