नोटबंदी की शुरुआत के साथ ही सरकार और इनकम टैक्स विभाग ने देशभर में काले धन के कुबेरों पर नकेल कसना शुरू कर दिया. इसी कार्रवाई के तहत जोधपुर में कालेधन के एक धन कुबेर के फर्जी अकाउंट का मामला सामने आया है. पुलिस के पास दर्ज मामले के अनुसार ये कालाधन आदित्य लौढा नाम के व्यक्ति का है और वह हीरे का इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट कारोबारी है. उसे जोधपुर के बड़े व्यापारियों में शुमार किया जाता है. इस डायमंड कारोबारी ने अपने ड्राइवर के नाम पर शाही ट्रेडिंग कंपनी खोली और फर्जी दस्तावेज से पंजाब नेशनल बैंक में भी अकाउंट खुलवा लिया. उसने ड्राइवर के नाम पर खुले इस फर्जी खाते में नोटबंदी के दौरान 20 करोड़ का ट्रांजैक्शन भी किया. फिलहाल ड्राइवर के इस अकॉउंट में 49 लाख रुपए जमा हैं.
जोधपुर में नोटबंदी के बाद ड्राइवर के खाते में छप्परफाड़ धन वर्षा हुई. देखते ही देखते उसके खाते से करोड़ों का ट्रांजेक्शन होने लगा. ड्राइवर की मानें तो वह अभी भी इस बात से अनजान है कि वह करोड़पति बन चुका है. उसके नाम से किसी बैंक में खाता खुला और उसमें करोड़ों का लेन-देन भी हो चुका है. उसे यह बात तब मालूम चली जब इनकम टैक्स विभाग ने अकॉउंट फ्रीज कर अकॉउंट होल्डर को नोटिस भेजा. नरपत लाल नाम का ड्राइवर जब इनकम टैक्स दफ्तर नहीं पहुंचा तो इनकम टैक्स वाले उसके घर पहुंच गए. उसे तब पता चला कि उसके नाम से फर्जी खाता खुला हुआ है. गिरफ्तारी के डर से वह पुलिस थाने पहुंचा और मामला दर्ज करवाया.
नौकरी के लिए दिए गए डॉक्यूमेंट्स के सहारे खोला खाता
नरपत लाल ने बताया कि उसने ड्राइवर की नौकरी पर लगते वक्त उससे आईडी प्रूफ और डाक्यूमेंट मालिक को दिए थे. उन्हीं दस्तावेजों के सहारे मालिक ने नोटबंदी के दौरान काले धन को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी खाता खोला लिया. ड्राइवर का कहना हैं उसने वहां साल भर के लिए काम किया था. उसे नोटिस मिलने के बाद फर्जी अकाउंट के बारे में जानकारी मिली. इस खाते से करोड़ों का लेन-देन किया गया. उसने न्याय के लिए आज थाने में मामला दर्ज कराया है.
क्या कहते हैं थाने के अधिकारी?
इस मामले में सरदारपुरा थाने के जांचाधिकारी भूपेंदर सिंह कहते हैं कि ड्राइवर ने अपने मालिक आदित्य लोढ़ा के खिलाफ इनकम टैक्स से मिले नोटिस के आधार पर मुकदमा दर्ज करवाया है. इस मामले में जांच चल रही है. पुलिस ने जब आदित्य लोढ़ा से उनका पक्ष जानने की कोशिश की तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया.