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कोटा पर सुलगी बिहार की सियासत, तेजस्वी ने नीतीश से पूछा- मजदूर, छात्र पर इतनी बेरुखी क्यों?

तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर सवाल उठाए हैं, साथ ही प्रदेश के बाहर फंसे गरीब मजदूरों और छात्रों को बेसहारा छोड़ने का आरोप भी लगाया है. तेजस्वी यादव ने सवाल किया है कि बिहार सरकार आखिरकार अनिर्णय की स्थिति में क्यों है.

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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री के नाम लिखा खुला पत्र (फाइल फोटो)
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री के नाम लिखा खुला पत्र (फाइल फोटो)

  • नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखा खुला पत्र
  • कहा- बाहर फंसे बिहारियों को छोड़ा बेसहारा

दिल्ली के बाद राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों को भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बसें भेजकर वापस बुला लिया है. योगी सरकार के इस कदम के बाद इस मुद्दे को लेकर बिहार में भी सियासत तेज हो गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मुद्दे पर सफाई दी थी, लेकिन अब विपक्ष ने इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम खुला पत्र लिखा है.

इस पत्र में तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर सवाल उठाए हैं, साथ ही प्रदेश के बाहर फंसे गरीब मजदूरों और छात्रों को बेसहारा छोड़ने का आरोप भी लगाया है. तेजस्वी यादव ने सवाल किया है कि बिहार सरकार आखिरकार अनिर्णय की स्थिति में क्यों है? प्रवासी मजबूर मजदूर और छात्रों से इतना बेरुखी भरा व्यवहार क्यों? उन्होंने कहा कि कई दिन से देशभर में फंसे बिहारी भाई और छात्र सरकार से लगातार घर वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार के कान तक जूं भी नहीं रेंग रही. आखिर उनके प्रति असंवेदनशीलता क्यों है?

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तेजस्वी ने आगे लिखा है कि गुजरात, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों की सरकारें जहां अपने नागरिकों के लिए चिंतित दिखीं, बाहर फंसे लोगों को उनके घर तक पहुंचाने का इंतजाम किया गया. वहीं, बिहार सरकार ने अपने लोगों को बीच मझधार में बेसहारा छोड़ दिया है.

विपक्ष के नेता ने कहा कि लॉकडाउन के बीच ही गुजरात सरकार ने हरिद्वार से 1800 लोगों को 28 लक्जरी बसों से वापस अपने राज्य लाने का प्रबंध किया. उत्तर प्रदेश शासन ने 200 बसों की कई ट्रिप से दिल्ली एनसीआर में फंसे अपने नागरिकों को उनके घर पहुंचाया. राजस्थान के कोटा से यूपी के 7500 बच्चों को वापस लाने के लिए 250 बसों का इंतजाम भी किया.

उन्होंने वाराणसी में फंसे दक्षिण भारत के हजारों यात्रियों को बस से उनके घर भेजे जाने का भी जिक्र किया और सवाल किया कि भाजपा शासित अन्य राज्य इतने सक्षम क्यों हैं और भाजपा के सहयोग से चल रही प्रदेश की सरकार इतनी असहाय क्यों है? आरजेडी नेता ने कहा कि बिहार और केंद्र की सरकारों में सामंजस्य नहीं दिख रहा.विरोधाभास नजर आ रहा है.

दिल्ली एनसीआर से जब मजदूर यूपी सरकार की मदद से वापस आने लगे, तो आपने कहा कि उन्हें बिहार में घुसने नहीं देंगे. कोटा से जब छात्र आए, तो आपने उनको भी बिहार में प्रवेश करने नहीं दिया और उल्टे केंद्र सरकार से वहां के डीएम की शिकायत भी कर दी. उन्होंने सवाल किया कि अपनी जनता के साथ घुसपैठियों जैसा व्यवहार कोई सरकार कैसे कर सकता है?

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तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार से कोई मदद नहीं मिलने की स्थिति में अब मेहनतशील मजदूर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं. यह बहुत ही गंभीर मसला है. पिछले तीन दिन में तीन प्रवासी मजदूरों की मौत हुई है. एक मजदूर की हैदराबाद, एक की पंजाब के अमृतसर और एक की हरियाणा के गुरुग्राम में मौत हुई है. उन्होंने दावा किया है कि ये सभी नौकरी छूटने, अपना पेट नहीं भर पाने पर मांगकर खाने, वापस घर नहीं जा पाने और सरकार की ओर से किसी तरह का कोई सहयोग नहीं मिल पाने के कारण मानसिक अवसाद के शिकार हो चुके थे.

की सम्मान के साथ वापस लाने की अपील

तेजस्वी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हम सरकार के साथ खड़े हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि उन प्रवासी श्रमिकों और कोटा में फंसे छात्रों को सम्मान के साथ वापस लाया जाए, जो घर लौटना चाहते हैं. आरजेडी नेता ने कहा है कि सभी ट्रेनें खड़ी हैं. आप रेलमंत्री भी रहे हैं, उस अनुभव का उपयोग किया जाए. सामाजिक दूरी और अन्य सुरक्षा निर्देशों का पालन करते हुए बहुत आसानी से इन लोगों को ट्रेन से वापस लाया जा सकता है.

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