
पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस तस्वीर में राघव, संसद भवन में मौजूद महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने खड़े हैं. उनके हाथों में पीले रंग की दो तख्तियां दिख रही हैं.
उनके दाहिने हाथ में मौजूद तख्ती पर पंजाबी भाषा में लिखा है, ‘केजरीवाल को सिंगापुर जाने की इजाजत दो.’ वहीं, बाएं हाथ में मौजूद तख्ती पर लिखा है, ‘दिल्ली और हरियाणा को मिले बराबर पानी का हक’.
एक फेसबुक यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए तंज कसा, “क्या पंजाब का राज्य सभा सदस्य पंजाब के हित के लिए न्याय मांग रहा है? जरा फोटो देखो.”

‘इंडिया टुडे’ की फैक्ट चेक टीम ने पाया कि ये फोटो एडिट की हुई है.
असली फोटो में राघव के हाथों में मौजूद तख्तियों पर पंजाब के किसानों के हक की बात लिखी है. दिल्ली और हरियाणा को पानी देने की बात का कहीं कोई जिक्र नहीं है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
राजनेता अक्सर अपने विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं. लिहाजा, हमने सबसे पहले राघव के सोशल मीडिया अकाउंट्स को चेक किया. उनके फेसबुक पेज पर 21 जुलाई को ठीक वही पीली तख्तियों वाली फोटो पोस्ट की गई थी जो इस वक्त वायरल हो रही है.
फर्क सिर्फ इतना है कि असली तस्वीर में उनके हाथों में मौजूद एक तख्ती पर ‘MSP की कमेटी खारिज करो, मोदी सरकार हाय- हाय’ और दूसरी तख्ती पर ‘पंजाब के किसानों का हक इधर रख’ लिखा है.
वहीं आम आदमी पार्टी की पंजाब यूनिट ने एक ट्वीट के जरिये कहा कि बीजेपी और कांग्रेस के कई नेताओं ने ये फर्जी फोटो पोस्ट की है. साथ ही, ये भी लिखा कि इसे शेयर करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के अन्य सांसदों ने 21 जुलाई को संसद परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने प्रदर्शन किया था. इसे लेकर कई मीडिया रिपोर्ट भी छपी थीं. किसी भी रिपोर्ट में न तो राघव चड्ढा की वायरल फोटो का इस्तेमाल है. न ही कहीं ऐसा लिखा है कि उन्होंने दिल्ली-हरियाणा को पानी देने का मुद्दा उठाया.
दिल्ली और हरियाणा के साथ सतलुज नदी का पानी साझा करने का मुद्दा पंजाब में काफी संवेदनशील है. अगर राघव चड्ढा ने संसद परिसर में सचमुच इस मसले को उठाया होता तो इसका जिक्र न्यूज रिपोर्ट्स में जरूर होता. लेकिन हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली.
साफ है कि एक नकली तस्वीर के जरिये राघव चड्ढा पर निशाना साधा जा रहा है.
( रिपोर्ट- सुमित कुमार दुबे )